
वाराणसी। आस्था और त्याग की एक भावुक मिसाल सामने आई है। अपने दोनों दिवंगत बेटों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से एक बुजुर्ग ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को तीन करोड़ रुपये का दान दिया है। इस दान की चर्चा पूरे काशी में हो रही है।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग ने बताया कि उनके दोनों पुत्र अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी याद में उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई का बड़ा हिस्सा बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि धन-संपत्ति क्षणभंगुर है, लेकिन धर्म और जनकल्याण के लिए किया गया दान सदैव समाज के काम आता है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने दान स्वीकार करते हुए बुजुर्ग के प्रति आभार व्यक्त किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, दान की राशि का उपयोग मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक एवं जनहित से जुड़े कार्यों में किया जाएगा।
बुजुर्ग ने भावुक होकर कहा कि उनके बेटे अब इस संसार में नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृति हमेशा जीवित रहे, इसी भावना से उन्होंने यह दान किया है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि जीवन में यदि सामर्थ्य हो तो समाज और धर्म के हित में योगदान अवश्य देना चाहिए।
काशीवासियों और श्रद्धालुओं ने इस दान को असाधारण आस्था, त्याग और सेवा का उदाहरण बताते हुए बुजुर्ग के इस निर्णय की सराहना की। तीन करोड़ रुपये का यह दान श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को प्राप्त होने वाले प्रमुख दानों में शामिल माना जा रहा है।
तमिलनाडु की एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को 3 करोड़ रुपये का दान दिया है। महिला श्रद्धालु ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को अपने दोनों स्वर्गीय बेटों के नाम पर दो करोड़ और अन्न क्षेत्र के नाम एक करोड़ रुपये का चेक दिया।



