समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचा है तथा सरकार ने पूरे शैक्षणिक ढांचे को कमजोर कर दिया है। उनका यह भी आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है जो न तो जमीनी अनुभव रखते हैं और न ही विधिवत पंजीकृत हैं।
सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित रखने के लिए विपक्ष पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने नीट पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलन की सफलता पर युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि इस संघर्ष ने छात्रों के मनोबल को मजबूत किया है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में कई छात्रों को जेल भेजा गया है और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार छात्रों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस ने एके-47 का प्रयोग किया और सरकार को युवाओं की चेतना को चुनौती देने से बचना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की नीतियां शिक्षा और युवाओं के हित में नहीं हैं। उनके मुताबिक सरकार के एजेंडे में नौकरी और रोजगार जैसे अहम मुद्दों को स्थान नहीं मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के बाद जिन छात्रों की जान गई, उनके परिवारों की सरकार ने क्या सहायता की।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के साथ सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी। संविधान के तहत लोगों को अधिकार और सम्मान दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी इसी दिशा में लगातार कार्य करती रहेगी। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को पराजित किया और समाजवादी पार्टी आगे भी पीडीए के साथ सामाजिक न्याय के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।



