मोदी जी बधाई,.खून नहीं देंगे | अनुराग अवस्थी मार्शल

प्रधानमंत्री के जन्म दिवस | तीन विधानसभाओं की सीएच सी में ब्लड डोनेशन कैंप लगे

कानपुर ,बिल्हौर। देश के प्रधानमंत्री का 76 वाँ जन्म दिवस,सबसे बड़ी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता उत्सव मना रहे,और प्रदेश के  स्वास्थ्य विभाग की पूरी भागीदारी लेकिन परिणाम शर्मशार करने वाला।

जी हां स्वास्थ्य विभाग में अपने एक दर्जन सीएच सी में से तीन में 17 सितंबर मोदी जी के जन्म दिवस पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए। नेताओं ने दीप जला और फीता काट कर उदघाटन किया,लेकिन ब्लड डोनेट नहीं किया।भला हो सरकारी डाक्टरों और स्टाफ का जिसने खून देकर इज्जत बचा ली।

बिल्हौर तहसील या विधानसभा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कैंप लगा था।विधायक राहुल बच्चा शिवराजपुर में आयोजित कार्यक्रम में व्यस्त थे। दी घंटे की प्रतिक्षा के बाद जिला महामंत्री जे पी कटियार ने फीता काटकर कैंप का शुभारंभ किया। यहां उन्होंने या पार्टी के किसी कार्यकर्ता/समर्थक ने ब्लड नहीं दिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ धर्मेंद्र राजपूत,वरुण चौबे,अनुराग कुशवाहा और पूनम देवी स्टाफ ने ब्लड दिया। रोगियों को फल भी दिए गए।

घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपना दल विधायक सरोज कुरील ने कैंप का शुभारंभ किया।यहां भी डॉ पवन सचान चिकित्सा अधीक्षक  एक डेंटल सर्जन डॉ रफीक अहमद सहित 6 स्टाफ व केवल दो बाहरी लोगों सत्यम , दीपेंद्र ने ब्लड दिया। विधायक कुरील ने भाषण देकर ब्लड डोनेशन का महत्व बताने और सर्टिफिकेट बांटने का काम किया।

सरसौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक डॉ अविनाश यादव सहित 10 स्टाफ ने ब्लड डोनेट किया,केवल दो लोग बाहरी थे। यहां भाजपा कानपुर दक्षिण के महामंत्री विनय मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर केम्प का शुभारंभ किया।

नहीं था कोई प्रचार..

रक्तदान जैसा महादान अभियान और वह भी प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर लेकिन न तो स्वास्थ्य विभाग ने कोई प्रचार प्रसार किया और न भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं ने कोई जिम्मेदारी समाज के प्रति महसूस की। अन्यथा निश्चित ही आम जनमानस ही पहुंच जाता।बिल्हौर में पिछले 5 वर्षों से लॉयर्स एसोसिएशन के ब्लड डोनेशन कैंप में आधा सैकड़ा से ज्यादा लोग ब्लड देते हैं।

चुनाव सर पर,चल रहे काफिले

27 का चुनाव सर पर है,और विधायकों और नए दावेदारों के लग्जरी गाड़ियों के काफिले दिन रात सड़कों पर गदर काट रहे हैं।होर्डिंग पोस्टर विज्ञापन से सोशल मीडिया पटा पड़ा है । भंडारे,सुंदर कांड,कूलर पंखा दान  सब कुछ हो रहा है, लेकिन रक्तदान को सबसे बड़ा दान मानने के बावजूद भाजपाई नेता  कार्यकर्ता न रक्त दे पाए और न ही आम जन मानस को प्रोत्साहित कर पाए।

नहीं उठे फोन…

विश्ववार्ता ने विधायक सांसद और पार्टी संगठन के लोगों की ब्लड डोनेशन से कार्यकर्ता की दूरी पर  प्रतिक्रिया जानने को कई बार फोन किए लेकिन फोन नहीं उठे।

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