
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उपचुनाव के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उपचुनाव में भाजपा को उसकी 12 वर्षों की सरकार का “रिटर्न गिफ्ट” मिला है। उनका दावा था कि बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के पास अब कोई जवाब नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस उपचुनाव के जरिए यह परखना चाहती थी कि बिना किसी बेईमानी के उसे जनता का कितना समर्थन मिलता है और लोगों में उसके प्रति कितनी नाराजगी है।
मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें खुशी है कि वहां की जनता ने इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान किया और गठबंधन प्रत्याशी को जीत मिली। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के मध्य प्रदेश और झांसी इकाई के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ सहयोग किया।
ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों को इसके संबंध में व्यापक प्रचार करना चाहिए। उनके अनुसार यदि ई-20 पेट्रोल से वाहनों का माइलेज बढ़ता है, रखरखाव का खर्च कम होता है और कीमत में भी लाभ मिलता है, तो इसकी जानकारी उपभोक्ताओं तक विज्ञापनों के माध्यम से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कंपनियां ऐसा नहीं कर रही हैं तो इसका अर्थ है कि वे भी सरकार के साथ मुनाफा कमाने में लगी हैं।
अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में उन्होंने कहा कि मंदिर से चढ़ावा चोरी होना महापाप है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मामलों में मुकदमे लंबित हैं, वे चलते रहेंगे। उनका आरोप था कि भाजपा नेताओं ने पहले संविधान की भावना के विपरीत जाकर अपने मामले वापस कराए थे। अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी जीत हासिल करेगी।



