इटावा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रक्षाबंधन के अवसर पर अपने परिवार के साथ सैफई पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी कार्यालय पर सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सैफई की महिलाओं और बच्चियों से राखी बंधवाई। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने भी महिला कार्यकर्ताओं से राखी बंधवाई। अखिलेश यादव ने राखी बांधने वाली महिलाओं को 1100-1100 रुपये का लिफाफा भेंट किया।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में इस समय एक ही सबसे बड़ा संकट है और वह भारतीय जनता पार्टी है। भाजपा हटेगी तो देश के सभी संकट अपने आप समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार बुलडोजर लेकर घूम रही है और भेदभाव तथा नफरत की राजनीति कर रही है।
अखिलेश यादव ने किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों को समय से खाद नहीं मिल रही है, जबकि फसलों की लागत लगातार बढ़ रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। मक्का, आलू और दूध उत्पादन करने वाले किसान घाटे में हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह बड़ी कंपनियों के साथ समझौते कर रही है, उससे छोटे और गरीब किसानों के सामने अपनी खेती बचाए रखने का संकट खड़ा हो सकता है। तीन कृषि कानून भले ही वापस ले लिए गए हों, लेकिन सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

चुनावी चंदे के लिए तो नहीं बढ़ाई जा रही महंगाई
सपा प्रमुख ने चीनी, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी और इथेनॉल नीति से होने वाले लाभ का फायदा आखिर किसे मिल रहा है। महंगाई से होने वाला मुनाफा बड़े उद्योगपतियों को पहुंच रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं चुनावी चंदे के लिए तो महंगाई नहीं बढ़ाई जा रही है।
अखिलेश ने कहा कि बढ़ती महंगाई का असर त्योहारों के दौरान बाजारों की रौनक पर भी पड़ रहा है। पहले की तुलना में बाजारों में खरीदारी कम हो रही है और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने इटावा की लायन सफारी, स्टेडियम, एक्वेटिक सेंटर, कैफे और अन्य विकास कार्यों का जिक्र करते हुए सरकार पर उन्हें बर्बाद करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि स्विमिंग पूल में पानी तक नहीं है, जबकि यहां बड़ी संख्या में बच्चे तैराकी करने आते थे।
भाजपा नेताओं ने किए सबसे ज्यादा जमीनों पर कब्जे
अखिलेश यादव ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कहा कि सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करती है, लेकिन अपने नेताओं और करीबी लोगों के कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों पर सबसे ज्यादा कब्जे भाजपा नेताओं ने किए हैं।

जो सवाल से डरता है, वही संविधान के लिए खतरा
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए स्कूलों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है, लेकिन पहले से शुरू किए गए विकास कार्यों को भी बर्बाद किया जा रहा है। भाजपा सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति तर्क करेगा और सरकार से सवाल पूछेगा।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति या सरकार सवालों से घबराती है, वह लोकतंत्र को कमजोर करती है और संविधान के लिए खतरा पैदा करती है।
अखिलेश यादव ने महंगी दवाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दवाओं की कीमतें बढ़ने से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हथेली गरम तो पुलिस नरम।” साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा समाज में नफरत और विभाजन की राजनीति कर रही है।
बबूल के पेड़ पर कभी आम नहीं लगते
वन नेशन-वन इलेक्शन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले खुद भी उसी गड्ढे में गिरते हैं। उन्होंने कहा, “बबूल के पेड़ पर कभी आम नहीं लगते।” उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा सरकार के कामकाज को देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।



