
कप्तानगंज(कुशीनगर)। दशहरा त्योहार के समापन के उपरांत रामजानकी घाट पर देर रात तक कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा प्रतिमाओं समेत अन्य स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन परम्परागत रूप से किया गया। विसर्जन स्थल पर देर रात तक एसडीएम व थानाध्यक्ष व नगर पंचायत के जिम्मेदार ब्यवस्थाओ को लेकर मुस्तैद रहे।इस बार प्रतिमाएं विर्सजन हेतु ससमय अपने स्थल से गंतव्य के लिए रवाना हुई।
कप्तानगंज नगर पंचायत में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की शुरूआत मंगल बाजार में स्थित कोटकी माता मंदिर में आयोजित मंगल आरती से किया गया। इसके पीछे शुक्र बाजार, धर्मशाला, बेरोजगार समिति, छावनी रोड, कुर्मी टोला, डीसीएफ चौक की प्रतिमाएं नगर भ्रमण कर चाँदनी चौक पहुंची। जहां इन प्रतिमाओं के साथ चाँदनी चौक, सुभाष चौक, लाल चौक की प्रतिमाओं का जुलूस साथ चल दिया। आजाद चौक पर इनके काफिले में आजाद चौक, शिव चौक, किसान चौक, व चकबन्दी चौक पर स्थापित प्रतिमाओं का काफिला जुड़ गया। देर शाम तक पुलिस चौक रोड पर पहुंची 14 प्रतिमाओं का हुजूम देखने के लिए दूर दराज के श्रद्धालु सड़क किनारे माता के जयकारा लगाते हुए जमे रहे। इस जुलूस में डीजे की धुन पर वजने वाले गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं का रेला लोगो को आकर्षित कर रहा था। देर रात 10 बजे तक यह जुलूस रामजानकी घाट पहुंची। जहां चाक चौबन्द ब्यवस्था के साथ इनका विसर्जन किया गया। प्रतिमा विसर्जन का कार्य 12 बजे रात तक चलता रहा। इसके पूर्व
सुरक्षा ब्यवस्था को लेकर एसडीएम आकांक्षा मिश्रा, थानाध्यक्ष धीरेंद्र राय समेत, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक, सोनू खेतान, ईओ योगेश मिश्रा लेखपाल आशुतोष कुमार समेत दर्जनों की संख्या में तैनात सफाईकर्मी व पुलिस प्रशासन के साथ तहसील के राजस्व कर्मी काफी सजग रहे। वही विसर्जन स्थल पर बकायदे सुरक्षा ब्यवस्था के साथ लाइट की जगमग ब्यवस्था नगर पंचायत द्वारा किया गया था। इस सम्बंध में एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि 17 प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस के साथ किया गया। जबकि 15 प्रतिमाओं को आयोजक टीम द्वारा दिन में ही विसर्जन कर दिया गया। शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि अर्थात विजयादशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होना था। पर मंगलवार होने की वजह से बुधवार को भक्तों द्वारा नम आंखों से ढोल नगाड़ों बाजे से साथ सजी हुई झांकी में मां की प्रतिमा को रखकर नाचते गाते पुष्प वर्षा अबीर गुलाल उड़ाते हुए विसर्जन किया गया।



