कप्तानगंज(कुशीनगर)। नगर के सुभाष चौक स्थित नहर रोड पर राधिका मैरेज हाउस में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथावाचक धन्वंतरी दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का अमृतपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन के उद्धार का सर्वोत्तम माध्यम है। इससे मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन धर्म व भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होता है।
कथावाचक ने दूसरे दिन श्री शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई कथा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने परीक्षित मोह प्रसंग की मार्मिक व्याख्या करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश देती है। सात दिनों तक श्रद्धा और विश्वास के साथ भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य का कल्याण होता है तथा कथा का आयोजन कराने वाले भी पुण्य के भागी बनते हैं।कथा के दौरान बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे। कथा के भावपूर्ण प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।कार्यक्रम के प्रारंभ में भागवत भगवान की शोभायात्रा पूरे नगर में निकाली गई। इसके बाद विधि-विधान से अंकुरित जौ, गेहूं एवं कलश की स्थापना कर सात दिवसीय कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के समापन पर यजमान प्रमोद सर्राफ, उनकी धर्मपत्नी गायत्री देवी सर्राफ एवं परिजनों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
इस अवसर पर शैलेन्द्र प्रताप सिंह, नीरज सर्राफ, उमा सर्राफ, निहित सर्राफ, सिद्धि सर्राफ, पूनम सर्राफ, शिव सर्राफ, आनंद सर्राफ, मनोज सर्राफ, अंकुर सर्राफ, बालकृष्ण केजरीवाल, संतोष रूंगटा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर प्रसाद ग्रहण किया



