सुरक्षा के मद्देनजर पीएम को संसद भवन से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया,कई हिरासत में
नई दिल्ली। सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी का जंतर-मंतर एक बड़े युवा आंदोलन का केंद्र बना रहा। प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड तोड़कर संसद भवन तक पहुंच गये। बेकाबू भीड़ को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संसद भवन से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इधर, अभिजीत दीपके को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। काक्रोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस बर्बरता कर रही है उन्होंने सभी सांसदों से अनुरोध किया है कि वे युवाओं के साथ सड़क पर उतर कर उनका साथ दे।सोमवार सुबह से ही भारी संख्या में छात्र-छात्राएं व उनके समर्थक विभिन्न राज्यों से पहुंचकर संसद चलो मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मांग शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री आनंद प्रधान के इस्तीफे की रही।

जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग की ओर मार्च की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू होने के चलते बड़ी संख्या में पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। जंतर-मंतर के एरिया को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मार्च के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े।
इस बीच जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जनपथ, आईटीओ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही सीमित कर दी गई थी और कुछ मेट्रो स्टेशनों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी गई। उधर, विपक्ष के कुछ नेताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी हिरासत में भी लिये गये।



