रामकोला नगर की एपीजे अब्दुल कलाम लाइब्रेरी बनी दुर्व्यसनों का अड्डा, अध्ययन की जगह होती हैं शराब-मीट पार्टी ।

रामकोला (कुशीनगर)। जिस पुस्तकालय की स्थापना किताब प्रेमियों,युवाओं को ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर भविष्य का सपना साकार करने के लिए की गई थी, वही आज लापरवाही और बदइंतजामी का शिकार होकर दुर्व्यसनों का अड्डा बनता नजर आ रहा है। रामकोला नगर पंचायत परिसर स्थित भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम लाइब्रेरी में मंगलवार सुबह का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। परिसर में महंगी शराब की खाली बोतलें, मीट की हड्डियां, लहसुन के छिलके, काउंटर पर बिखरे चावल और अन्य गंदगी इस बात की गवाही दे रहे थे कि सोमवार देर रात यहां पार्टी हुई थी। इससे स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है।

 जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत परिसर में बनी लाइब्रेरी में आए दिन शराब और मीट पार्टी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मंगलवार सुबह जब लोग परिसर पहुंचे तो पुस्तकालय के भीतर और आसपास शराब की खाली बोतलें, मीट की हड्डियां और खाने-पीने का कचरा बिखरा पड़ा था। माना जा रहा है कि सोमवार देर रात कुछ लोगों ने यहां पार्टी की। चूंकि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसलिए पूरी घटना कैमरे में कैद होने की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वही स्थान है, जहां युवाओं को शांत वातावरण में बैठकर अध्ययन करना चाहिए। ऐसे स्थान पर इस तरह की गतिविधियां न केवल सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग हैं, बल्कि शिक्षा और ज्ञान के मंदिर का भी अपमान हैं।

बताया जाता है कि इस आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अम्बरीष कुमार सिंह के प्रशासकीय कार्यकाल में कराया गया था।पुस्तकालय का नाम भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया। भवन की बाहरी बनावट आकर्षक है। अंदर एयर कंडीशनर, काउंटर और पुस्तकों के लिए अलमारियां भी बनाई गई हैं, लेकिन आज तक अलमारियां किताबों से खाली हैं। इतना ही नहीं, पुस्तकालय का अब तक विधिवत उद्घाटन भी नहीं हो सका है। नगर क्षेत्र के किताब प्रेमी,प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने कई बार पुस्तकालय में बैठकर पढ़ाई करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि यदि यह लाइब्रेरी नियमित रूप से संचालित हो जाए तो क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल सकता है। एक छात्र ने पुस्तकालय शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और छात्रों ने मांग की है कि लाइब्रेरी को तत्काल नियमित रूप से संचालित किया जाए, उसमें आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुस्तकालय को शराब पार्टी का अड्डा बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि यह परिसर अपने वास्तविक उद्देश्य युवाओं के ज्ञान और उज्ज्वल भविष्य की पूर्ति कर सके। इस संबंध में रामकोला नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा, “मैं बाहर हूं। आपके माध्यम से जानकारी मिली है। यह कृत्य बेहद गलत है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और छात्रों ने मांग की है कि लाइब्रेरी को तत्काल नियमित रूप से संचालित किया जाए, उसमें आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुस्तकालय को शराब पार्टी का अड्डा बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि यह परिसर अपने वास्तविक उद्देश्य—युवाओं के ज्ञान और उज्ज्वल भविष्य—की पूर्ति कर सके।

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