लोकसभा में डिम्पल यादव ने नीट पेपर लीक आंदोलन का उठाया मुद्दा, छात्रों और जेन जी को दी बधाई

समाजवादी पार्टी की मैनपुरी से सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए छात्रों, युवाओं और जेन जी को उसकी सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों ने बिना भय के शासन-प्रशासन का सामना किया और सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की।

डिम्पल यादव ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का आंदोलन लगभग एक महीने तक शांतिपूर्ण ढंग से चला, जिसमें विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। उनके अनुसार समाजवादी पार्टी ने इस आंदोलन का पूरा समर्थन किया और पार्टी के युवा सांसद भी वहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से आंदोलन में राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों की मांगों के समर्थन में भागीदारी की गई।

उन्होंने बताया कि 18 जून को वह स्वयं जंतर-मंतर पहुंचीं और वहां अनशन पर बैठे श्री सोनम वांगचुक तथा आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। उनका कहना था कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ सरकार का रवैया उचित नहीं था।

सपा सांसद ने कहा कि 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से छात्र और युवा आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने कहा कि छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी थी क्योंकि उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। उनके अनुसार आंदोलन में शामिल छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन उनके साथ किया गया व्यवहार पूरे देश ने देखा।

लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान डिम्पल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोका गया और उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई छात्रों के सिर पर चोटें आईं, आंदोलन में शामिल छात्राओं के कपड़े फाड़े गए, कील लगी लाठियों से मारपीट की गई तथा पैलेट गन का इस्तेमाल भी हुआ, जिससे कई छात्र घायल और बेहोश हो गए।

उन्होंने बिहार का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां एके-47 का भी प्रयोग किया गया। डिम्पल यादव ने कहा कि छात्रों और युवाओं ने तमाम कार्रवाई के बावजूद पीछे हटने के बजाय अपने आंदोलन को जारी रखा और सरकार तथा प्रशासन का डटकर सामना किया।

सपा सांसद ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ हुई घटनाओं से माताएं, बहनें और परिवारों के लोग भी आहत हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस आंदोलन से जुड़े लोगों को पीड़ा पहुंचाई। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष अक्सर इमरजेंसी की चर्चा करता है, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर छात्रों और युवाओं के साथ हुआ व्यवहार उससे भी अधिक कठोर था।

डिम्पल यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ सांसदों और नेताओं ने आंदोलनरत छात्रों और युवाओं को अराजक तत्व कहकर संबोधित किया, जिसे उन्होंने उनका अपमान बताया। उन्होंने कहा कि देश का छात्र और युवा वर्ग इस व्यवहार को कभी नहीं भूलेगा।

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