लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार की ओर से 48 मदों और दो अनुपूरकों पर विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे, जिनका उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने सरकार की विकास योजनाओं और बजट की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का अनुपूरक बजट जनकल्याण, सुशासन और समग्र विकास की सोच पर आधारित है। उनके अनुसार बजट में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को समान महत्व दिया गया है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों, वंचितों और समाज के अन्य वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए हैं, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार गांवों में सड़क, पेयजल, सिंचाई, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर लगातार कार्य कर रही है। वहीं शहरों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं में सुधार और विकास परियोजनाओं को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और अनुपूरक बजट इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विधान परिषद में अपने संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री ने राम मंदिर से जुड़े विषय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विचाराधीन मामलों को लेकर संसद या सदन में लगातार हंगामा करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए उचित नहीं है। उन्होंने सभी दलों से न्यायपालिका की प्रक्रिया और उसके निर्णयों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि परिवारवादी राजनीति करने वाली पार्टी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने के बजाय सदन की कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास करती है। उन्होंने सपा के रवैये को निंदनीय बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ऐसे आचरण को देख रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास, पारदर्शिता, सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट प्रदेश के संतुलित और सर्वांगीण विकास को नई दिशा देगा तथा उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।



