कसया, कुशीनगर। अंतराष्ट्रीय बुद्ध स्थली कुशीनगर स्थित मुख्य महा परिनिर्वाण मंदिर में बाल भिक्षुओं ने तथागत बुद्ध का दर्शन पूजन कर चीवर चढ़ाया और विश्व कल्याण की कामना की।
गुरुवार को स्थानीय बिहारों में रह रहे बाल/ नव श्रमनेर गण ने छठवीं सदी में भगवान बुद्ध की 6.1 मीटर ऊंची लाल बलुआ पत्थर से बनी
शयन मुद्रा की प्रतिमा का दर्शन पूजन किया और चीवर चढ़ाया। बाल भिक्षुओं ने लेटी प्रतिमा के समक्ष भूमि पर बैठकर धम्म पाठ किया। इसके पश्चात मुख्य मंदिर के पीछे बने स्तूप की परिक्रमा की। भिक्षुओं ने बताया कि भगवान बुद्ध ने इस जगह अपने शरीर को त्यागा था और निर्वाण को प्राप्त हुए थे। प्रतिमा उस काल को दर्शाती है जब 80 वर्ष की आयु में बुद्ध ने अपने पार्थिव शरीर को छोड़ दिया था और सदा – सदा के लिए जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त हो गए थे, यानि उन्हे निर्वाण की प्राप्ति हो गई थी। धम्म पाठ में भंते सगरा, शीलवासा सहित बाल भंते मौजूद रहे।



