
लखनऊ । भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को लखनऊ में भव्य तिरंगा यात्रा के साथ ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में यात्रा मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग से शुरू होकर विधान भवन तक पहुंची। हाथों में तिरंगा लिए हजारों युवा भारत माता के जयघोष और देशभक्ति के गीतों के साथ यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ सेल्फी लेकर उनका उत्साह बढ़ाया। भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी यात्रा में भाग लिया। यात्रा के पीछे प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाया।
भाजपा के अनुसार, 10, 11 और 12 अगस्त को मंडल स्तर पर तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जबकि 13 अगस्त को जिला स्तर पर यात्राएं निकाली जाएंगी। इस दौरान क्रांतिकारियों, अमर बलिदानियों और महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं स्मारकों पर स्वच्छता कार्यक्रम होंगे। अमर सपूतों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन भी किया जाएगा।
‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान
तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा देशभर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से तिरंगा यात्रा निकाल रही है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता और उसकी रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों, सैनिकों तथा संविधान निर्माताओं राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी याद किया।
मुख्यमंत्री ने तिरंगे को सादगी, विकास, विरासत और देश की आन-बान-शान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर कड़े कदम उठाए हैं तथा इनके अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया गया है। योगी ने कहा कि भारत में रहते हुए देश के प्रतीकों, महापुरुषों और राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश में वंदे मातरम का गायन हो रहा है। इसी दिन काकोरी ट्रेन एक्शन का 101वां पर्व भी है। योगी ने 1925 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन के जरिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री ने तिरंगा यात्रा को हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प बताया।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रतिभा और ऊर्जा का केंद्र हैं तथा उनमें देश की चुनौतियों का सामना करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा मंच मिलना चाहिए, जहां वे पारंपरिक शिक्षा के साथ देश और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों के लिए भी खुद को तैयार कर सकें। इसी उद्देश्य के साथ भाजपा की ओर से देशभर में तिरंगा यात्रा आयोजित की जा रही है।
लखनऊ में युवाओं की बड़ी भागीदारी पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि करीब 25 से 30 हजार युवा तिरंगा यात्रा में शामिल होकर उन हुतात्माओं के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके मुताबिक युवाओं की यह ऊर्जा क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति देश की कृतज्ञता को दर्शाती है।
योगी ने कहा कि राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े काम आजादी के तत्काल बाद होने चाहिए थे, लेकिन इसमें लंबा समय लगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता राष्ट्र है और उनके नेतृत्व में भारत के प्रतीकों, युवाओं, गरीबों, महिलाओं तथा किसानों के लिए योजनाओं के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया गया है। तिरंगा यात्रा को उन्होंने इसी सोच की अभिव्यक्ति बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगे को घर पर फहराने की व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लैग कोड में संशोधन किया। उनके मुताबिक अब देश के नागरिक अपने घरों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती थी, जबकि अब 140 करोड़ भारतीयों को अपने घर पर तिरंगा लगाने की स्वतंत्रता मिली है।
विधान भवन तक पहुंची यात्रा
मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारों के साथ अनुशासनपूर्वक विधान भवन तक यात्रा निकालने का आह्वान किया। इसके बाद 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक पूरे मार्ग पर देशभक्ति और अनुशासन का माहौल दिखाई दिया। मुख्यमंत्री बच्चों, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सरकार के शीर्ष नेताओं के साथ यात्रा में शामिल हुए। विधान भवन के सामने उन्होंने पंकज चौधरी, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ गुब्बारे उड़ाकर यात्रा का समापन किया।
पंकज चौधरी बोले- तिरंगा शहीदों के विचार और बलिदान से प्रेरित
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को लहराता देखकर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। उन्होंने कहा कि देश की सीमा पर तिरंगे की रक्षा के लिए सैनिक अपना जीवन तक न्योछावर कर देते हैं। चौधरी ने तिरंगे को भगत सिंह के विचार, चंद्रशेखर आजाद के साहस, रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान, मंगल पांडे की ललकार और पं. राम प्रसाद बिस्मिल की शहादत से जुड़ा बताया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराना संभव नहीं था और आम नागरिकों को भी अपने घर की छत पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने में कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता था। चौधरी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार आने के बाद राजनीति के साथ राष्ट्रनीति में भी बदलाव आया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लाल चौक पर भी तिरंगा उसी गौरव के साथ लहराता है, जिस तरह लाल किले पर।
पंकज चौधरी ने कहा कि 2022 में आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए भाजपा सरकार ने ‘नेशनल फ्लैग कोड’ में महत्वपूर्ण बदलाव किए। इसके बाद देश का प्रत्येक नागरिक, युवा और महिलाएं बिना किसी मत, मजहब, जाति अथवा आर्थिक भेदभाव के अपने घर और प्रतिष्ठान पर सम्मान के साथ तिरंगा फहरा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल मैदान में तिरंगा देखकर भारतीय खिलाड़ी कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल करने का हौसला पाते हैं। वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तिरंगा देशवासियों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का प्रतीक है। चौधरी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के दिलों में भारत के लिए धड़कने वाली ऊर्जा तिरंगे से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर घर पर तिरंगा पूरी शान के साथ फहरे, इसी उद्देश्य से भाजपा ने तिरंगा यात्रा शुरू की है। उन्होंने अभियान को वंदे मातरम की उस प्रेरणा से जोड़ा, जिसने अनेक क्रांतिकारियों को स्वतंत्रता संग्राम में अपना जीवन समर्पित करने की शक्ति दी।
केशव मौर्य ने 9 अगस्त के महत्व को बताया
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कालिदास मार्ग पर जुटी बड़ी संख्या 9 अगस्त के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने इसे अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर करने तथा सम्पूर्ण क्रांति के आह्वान से जुड़ा दिन बताया। मौर्य ने स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर बलिदानियों को नमन किया।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते समय देश की आजादी के 80 वर्ष पूरे हो जाएंगे। उनके मुताबिक आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत और उत्तर प्रदेश विकसित भारत तथा विकसित उत्तर प्रदेश के रूप में स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे। उन्होंने लोगों से मंडल और जिला स्तर पर होने वाली तिरंगा यात्राओं में भाग लेने तथा हर घर तिरंगा अभियान के तहत अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संकल्प लेने की अपील की।
ब्रजेश पाठक ने कहा- बलिदानियों की स्मृति को नहीं भूले युवा
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर लखनऊ की सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृति आज भी लोगों के मन में जीवित है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा, शिक्षा, बिजली और पानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा मजबूत कानून व्यवस्था से प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है।
यात्रा के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सुरेश खन्ना, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, अभियान संयोजक बृज बहादुर भारद्वाज समेत भाजपा के कई पदाधिकारी, मंत्री, जनप्रतिनिधि, विधायक, मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

