ग्राम पंचायतों को विकास और योजना क्रियान्वयन का केंद्र बनाना लक्ष्य : केशव प्रसाद मौर्य

2047 से पहले सभी ग्राम पंचायतों को विकसित ग्राम पंचायत बनाने का लक्ष्य, योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

प्रयागराज। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका अब केवल विकास कार्य कराने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें योजना तैयार करने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 से पहले प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को विकसित ग्राम पंचायत के रूप में तैयार करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा।

गुरुवार को प्रयागराज स्थित राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित ‘पंच सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) से संबंधित संक्षिप्त मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फाफामऊ की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

सम्मेलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करते हुए वीबी जी राम जी अधिनियम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियों को सुदृढ़ करना था।

सम्मेलन में ग्राम प्रधानों को वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत स्तर पर सहभागी एवं साक्ष्य आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने तथा योजनाओं को परिणामोन्मुख तरीके से लागू करने को लेकर भी चर्चा हुई।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वीबी जी राम जी की पुस्तिका में विकसित ग्राम सभा और ग्रामीण क्षेत्र तैयार करने से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत 1 जुलाई 2026 को हुई थी। उनके मुताबिक योजना के तहत अभी ग्राम सभाओं के विकास के लिए जितनी श्रमशक्ति लगनी चाहिए, उस स्तर पर काम नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जी राम जी योजना में लीकेज की संभावना नहीं है। सम्मेलन में मौजूद ग्राम प्रधानों और संबंधित लोगों से योजना शुरू होने के बाद सामने आ रही दिक्कतों की जानकारी भी ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं को लिखित रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है और उनके शीघ्र समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ग्रामों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के अवसर पर अमृत सरोवरों की सफाई कराने और वहां कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से विकास कार्यों और उपलब्धियों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने को कहा। सरकारी सेवकों से ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और आगे भी पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है।

केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि विकास कार्यों के लिए जारी होने वाली धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग योजनाओं में किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई से इस पर अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत को आपसी समन्वय के साथ काम कर ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर बनाने का आह्वान किया। बिजली व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों में निर्धारित समय के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और देश में विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव आया है। सड़कों का विस्तार होने से संपर्क व्यवस्था मजबूत हुई है। रेल उपरगामी पुल और ओवरब्रिज बनने से लोगों की परेशानियां कम हुई हैं। प्रयागराज में अच्छी सड़कों, छह लेन पुल, गंगा एक्सप्रेसवे और रिंग रोड के निर्माण से विकास को नई गति मिली है।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि जिस तरह प्रयागराज की तस्वीर बदली है, उसी तरह प्रत्येक ग्राम की स्थिति में भी बदलाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी से इसी लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया और कहा कि 2047 से पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकसित ग्राम पंचायत बनाना है।

कार्यक्रम में प्रयागराज जिले में वीबी जी राम जी योजना के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई। जिले में इस योजना के अंतर्गत 3034 कार्य संचालित हैं, जबकि पांच लाख रुपये से अधिक लागत वाली स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या 118 है। जिले में महिला मेट की संख्या 2742 बताई गई। योजना के तहत 185701 मानव दिवस सृजित हुए हैं, जिनमें महिलाओं के 87249 और अनुसूचित जाति के 85154 मानव दिवस शामिल हैं। जिले में कुल सक्रिय श्रमिकों की संख्या 242660 है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर फाफामऊ विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, यमुनापार जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, ब्लॉक प्रमुखगण, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, उपायुक्त उद्योग, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी, सभी खंड विकास अधिकारी, विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, अन्य जनप्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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