वाराणसी में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

वार्निंग लेवल 70.262 मीटर, डेंजर लेवल 71.262 मीटर; डीएम ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और राहत-बचाव व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए निर्देश

वाराणसी। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर करीब 68 मीटर है और इसमें 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। जिले में गंगा का वार्निंग लेवल 70.262 मीटर, डेंजर लेवल 71.262 मीटर तथा एचएफएल 73.901 मीटर है।

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के साथ नाव, बचाव उपकरण और राहत-बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने को कहा। बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए गए।

डीएम ने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश एवं चिकित्सा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस विभाग को राहत शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने को कहा गया।

पशुओं के लिए चारा-भूसा की व्यवस्था पर जोर

बाढ़ प्रभावित ढाब क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और भूसा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भूसा वितरण की निगरानी करने के साथ पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम एवं उच्चाधिकारियों को दी जाए। उन्होंने आमजन को समय से आवश्यक सूचनाएं और सावधानियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में दुर्घटनाएं हो चुके स्थलों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और गश्त सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा.) सदानंद गुप्ता ने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों की जानकारी जिलाधिकारी को दी। इस दौरान एसडीएम सदर नितिन सिंह, कमांडेंट एनडीआरएफ, जल पुलिस, संबंधित विभागों के अधिकारी और पार्षदगण मौजूद रहे।

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