लखनऊ | जनता को JPNIC की सच्चाई जाननी चाहिए, 200 करोड़ की परियोजना पर 864 करोड़ खर्च, 864 करोड़ खर्च के बाद भी JPNIC अधूरा, अखिलेश यादव कार्यकाल पर जमकर साधा निशाना, उन्होंने कहा JPNIC का संचालन निजी करने की योजना थी, ‘संचालन समिति में अखिलेश,डिंपल और धर्मेंद्र यादव थे’, वासिफ हसन भी संचालन समिति के सदस्य थे, सरकारी संपत्ति पर कब्जे की कोशिश थी, JPNIC परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने का आरोप, आज JPNIC लीज पर,मालिकाना हक सरकार का, सरकारी संपत्ति राज्य सरकार की है।



