कप्तानगंज(कुशीनगर)। कभी तहसील क्षेत्र में व्यापारी,किसानों के आय का स्रोत रही कनोरिया एंड जनरल मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड चीनी मिल में लंबे समय से बंद पेराई सत्र को दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। मिल प्रबंधन के अनुसार वर्ष 2021-22 में पेराई सत्र संचालित होने के बाद आर्थिक कारणों से फरवरी में मिल बंद हो गई थी। अब मिल प्रवंधन इसका मरम्मत कराकर वर्ष 2027-28 में पुनः पेराई सत्र शुरू करने की योजना बना रहे है।इसको लेकर आज प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ कर्मचारियों ने मिल का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य में तेजी दिखाई।
कप्तानगंज चीनी मिल का निरीक्षण के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में मिल के उपाध्यक्ष कार्य एस के श्रीवास्तव,उप महा प्रबंधक प्रशासक विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2021-22 के गन्ना मूल्य का सम्पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिल को पुनः संचालन के लिए तैयार करने में करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। मरम्मत कार्य नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू किए जाने की संभावना है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद वर्ष 2027-28 के पेराई सत्र में मिल को चालू करने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि कनोरिया चीनी मिल समूह की सबसे पुरानी चीनी मिलों में से एक है। मिल के दोबारा संचालित होने से क्षेत्र के किसानों को अपने गन्ने की बिक्री के लिए दूर स्थित चीनी मिलों तक जाने की समस्या से राहत मिलेगी। इससे किसानों का समय और गन्ना ढुलाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।मिल प्रबंधन ने क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक गन्ने की बुवाई करने की अपील की है। श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों का सहयोग मिल के संचालन में महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने किसानों से मिल को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराने के लिए आगामी पेराई सत्र को ध्यान में रखते हुए गन्ने की बुवाई बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2002-03 के डिफर भुगतान मिल के चालू होने के बाद उक्त डिफर का भुगतान किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक तकनीकी शिव गोविंद, शिशुपाल श्रृंखला, अनुराग पांडेय, रमेश सिंह सहित मिल के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



