लखनऊ। कृषि विभाग की ओर शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर कृषि निदेशालय के प्रेक्षागृह में उच्च उत्पादकता करने वाले 30 किसानों तथा अपने वैज्ञानिक अन्वेषणों से गुणवत्तापरक पैदावार बढ़ाने में योगदान देने वाले 9 कृषि वैज्ञानिकों को तथा दुग्ध उत्पादन में विशिष्ट योगदान देने वाली तीन महिला कृषकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित कृषकों को एक लाख रुपये की धनराशि, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 75 हजार रुपये की धनराशि तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि प्रत्येक कृषक को प्रदान की गई तथा उन्हें एक-एक शाल एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया। पुरस्कारों के लिए किसानों का चयन राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया गया।
किसान सम्मान योजना में खरीफ की धान, मक्का, अरहर (अल्पकालीन), उड़द व सोयाबीन तथा रबी में गेहूं, चना, मटर एवं राई, सरसों की 10 फसलों को सम्मिलित करते हुए इनकी प्रति हेक्टेयर उच्च उत्पादकता का आंकलन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पण्डित सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां पर डीबीटी योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है अन्य कई प्रदेशों में यह योजना अभी लागू ही नहीं हो पाई है। वहां के अधिकारी अपने प्रदेश में इसे लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश में आकर योजना का अध्ययन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने किसान पुरस्कार योजना की धनराशि 20 हजार रुपये, 15 हजार रुपये एवं 10 हजार रुपये से बढ़ाकर क्रमशः 1 लाख रुपये, 75 हजार रुपये तथा 50 हजार रुपये कर कृषकों का प्रोत्साहन बढ़ाया है ताकि उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव पैदा हो तथा वे उच्च उत्पादकता की ओर अग्रसर हों।
उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि किसान सम्मान योजना की धनराशि आज ही किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। इस अवसर पर उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा किसानों के लिए किये गये सराहनीय कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
कृषि राज्यमंत्री राधे श्याम सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार ने गन्ने की कीमतें बढ़ायी हैं इतनी कीमतें पूरे देश में और कहीं भी किसान को नहीं मिल रही हैं। सरकार द्वारा किसानों के लिए निःशुल्क सिंचाई योजना, किसान बीमा दुर्घटना योजना, फसल बीमा योजना आदि अनेक लाभकारी योजनाएं संचालित कर किसानों का आर्थिक स्तर ऊंचा किया गया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त प्रदीप भटनागर ने किसानों से ड्रिप एरीगेशन अपनाने तथा आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिक उपयोग करने पर बल दिया। प्रमुख सचिव कृषि नीरज गुप्ता ने इस अवसर पर कृषि विभाग की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में एक वर्ष में 2 हजार खेत तालाब तैयार कर दिये गये हैं और जैविक खेती की योजना 15 जिलों में लागू की गई है, 66 किसान मण्डियों में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लागू कर दिया गया है, 34 और मण्डियां आगामी 2 माहों में इस सिस्टम से जोड़ दी जाएंगी।
इस अवसर पर उपकार के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद सिंह, कृषि सलाहकार रमेश यादव, महानिदेशक उपकार, राजेन्द्र कुमार, राज्य योजना आयोग के सदस्य प्रोफेसर सुधीर पंवार, कृषि निदेशक ज्ञान सिंह, शासन तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं हजारों की संख्या में कृषक उपस्थित थे।