(न्यू दिल्ली)फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज (19 फरवरी 2026) दिल्ली के इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत की डिजिटल और AI उपलब्धियों की खूब तारीफ की। उनके भाषण से कुछ प्रमुख पॉइंट्स और असली उद्धरण इस प्रकार हैं:
उन्होंने भाषण की शुरुआत “नमस्ते” से की और अंत “जय हो” से किया, जिससे पूरा माहौल देसी हो गया।
मैक्रों ने कहा: “India built something that no other country in the world has built.” (भारत ने ऐसा कुछ बनाया है जो दुनिया का कोई अन्य देश नहीं बना सका।)
उन्होंने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (India Stack) को खास तौर पर सराहा, जिसमें शामिल हैं:
1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल आईडेंटिटी (Aadhaar जैसा सिस्टम)।
UPI से हर महीने 20 अरब लेन-देन।
50 करोड़ से ज्यादा डिजिटल हेल्थ आईडी।
एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा: “10 साल पहले मुंबई में एक सड़क किनारे का विक्रेता बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था… कोई पता नहीं, कोई कागज नहीं… आज वही विक्रेता अपने फोन पर पेमेंट लेता है। यह कोई सिर्फ टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं है, यह एक सिविलाइजेशन स्टोरी है।”
उन्होंने भारत को सॉवरेन AI (स्वतंत्र AI) में लीडर बताया और कहा कि भारत ने छोटे लैंग्वेज मॉडल्स (SML) पर फोकस किया, जो स्मार्टफोन पर चल सकें, और सरकार ने 38,000 GPUs स्टार्टअप्स को सस्ते रेट पर दिए।
AI को मानवता के लिए एनेबलर (सक्षमकर्ता) बताया और एल्गोरिदम की पारदर्शिता, बच्चों की सुरक्षा, और जिम्मेदार AI विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI अब जियोपॉलिटिक्स और मैक्रोइकोनॉमिक्स का हिस्सा बन गया है, और भारत-फ्रांस जैसे सहयोगी देश मिलकर इसके नियम बनाएंगे।
कुल मिलाकर, मैक्रों ने भारत को ग्लोबल साउथ के लिए मिसाल बताया और कहा कि भारत ने डिजिटल समावेशन में जो हासिल किया, वह क्रांतिकारी है।
यह तारीफ समिट के उद्घाटन सत्र में आई, जहां पीएम मोदी ने भी ‘MANAV Vision’ पेश किया
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