वृक्षारोपण महायज्ञ–2026 की तैयारियों की समीक्षा, सफल आयोजन हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सभी पौधारोपण स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाए, जिससे वृक्षारोपण कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके- रवींद्र जायसवाल

वाराणसी आगामी 12 जुलाई  को आयोजित होने वाले वृक्षारोपण महायज्ञ–2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी आयोजन के दृष्टिगत आज सर्किट हाउस सभागार में माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प एवं शुल्क पंजीयन, उ0प्र0 श्री रविन्द्र जायसवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं समन्वित ढंग से वृहद वृक्षारोपण के कार्य को सफलतापूर्वक कराए जाने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान मंत्री जी ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आवंटित लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण की समस्त तैयारियाँ समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान वृक्षारोपण स्थलों के चयन, गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता, पौधों के सुरक्षित परिवहन, सिंचाई व्यवस्था, पौधों के संरक्षण, जियो टैगिंग, विभागवार लक्ष्य, नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियों तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

 मंत्री जी ने निर्देश दिए कि सभी पौधारोपण स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले से सुनिश्चित कर ली जाएँ, जिससे वृक्षारोपण कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण एवं नियमित देखभाल भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक विभाग रोपे गए पौधों की सुरक्षा, सिंचाई तथा निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत अधिक से अधिक रहे।

 इस दौरान मा0 मंत्री ने निर्देशित किया कि नगर के प्रत्येक वार्डों में एक- एक उपयुक्त स्थल/ चौराहों का  चयन कर वहां समुचित संख्या में पौधे रखकर वार्ड वासियों को निःशुल्क वितरित किये जाएं जिससे अधिक से अधिक जनसहभागिता हो सके। उन्होंने कहा कि बनारस में पान की महत्ता को देखते हुए पान और कत्था के पौध का भी वितरण किया जाय। शहतूत। अर्जुन और चिरौंजी, महुआ आदि के पौधारोपण कराए जाय। मुख्यालय को जोड़ने वालीं सभी चौड़ी सड़को एवं उनके मीडियन में सघन वृक्षारोपण का सुझाव दिया। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में भी उपयुक्त स्थल देखकर वहां बेल के पौधरोपण कराने को कहा।

मंत्री ने काशी वासियों से अपील करते हुए कहा कि आदमी को मरने के बाद अंतिम संस्कार के लिए नौ मन लकड़ी की जरूरत पड़ती है। इसकी पूर्ति बड़ी संख्या में पेड़ काटकर ही पूरी होती है। इससे पर्यावरण क्षति करनी पड़ती है। प्रकृति का हमारे उपर कर्ज हो जाता है। काशी के लोग बड़े आत्मसम्मानी होते हैं। क्यों न हम इतने पेड़ लगाएं कि मरने के बाद हमारे ऊपर प्रकृति का कर्ज न रहे, उसकी भरपाई हम पहले से ही कर के जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों, विकसित की जा रही टाउनशिप, सड़कों के किनारे, बस स्टाप आदि सभी स्थलों पर समुचित वृक्षारोपण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में वृक्षारोपण के महत्व के दृष्टिगत, बच्चों के बीच  गीत संगीत, निबंध, चित्रकला आदि प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिये।

              इस अवसर पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे वृक्षारोपण महायज्ञ को जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप प्राप्त हो सके। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में पौध भंडारा आयोजित कराकर ग्राम वासियों, किसानों को पौध वितरित कराने के निर्देश दिए। आमजन से भी अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें तथा प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लें।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की तथा निर्धारित समयावधि के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एम डी शंभू कुमार,  डीएफओ निधि चौहान सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी, विभिन्न वार्डों के पार्षद गण उपस्थित रहे।

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