वीटीआर में जंगल सफारी का हुआ शुभारंभ |चार सफारी रूटों पर पर्यटक करेंगे जंगल की सैर

वन्यजीवों के दीदार के साथ प्रकृति को करीब से जानने का मिलेगा मौका

खड्डा/कुशीनगर। वीटीआर में शनिवार से नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ हो गया। पटना से पहुंचे प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह ने फीता काटकर पर्यटन सत्र का उद्घाटन किया। इसके बाद पीसीसीएफ अरविंदर सिंह, वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा समेत अन्य वन अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर जंगल सफारी के वाहनों को रवाना किया।

बारिश के मौसम में बंद जंगल सफारी शुरू होने से पर्यटकों में उत्साह है। अब पर्यटक जंगल की प्राकृतिक सुंदरता के साथ बाघ, तेंदुआ समेत विभिन्न वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। इस अवसर पर पीसीसीएफ अरविंदर सिंह ने कहा कि वीटीआर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभाग का प्रयास है कि पर्यटक कम खर्च में यहां आकर प्रकृति को करीब से देखें और जंगल के पर्यावरण एवं वन्यजीवों के बारे में जानें। पर्यटकों से इतना ही शुल्क लिया जाता है। जिससे पर्यटन गतिविधियों का खर्च निकल सके। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीटीआर में लगातार व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि नए पर्यटन सत्र में जंगल सफारी के लिए कुछ नए रूट भी निर्धारित किए गए हैं। पर्यटक बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली कुत्ते और लकड़बग्घा समेत विभिन्न वन्यजीवों को देख सकेंगे। इसके साथ ही पक्षियों की कई प्रजातियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। पर्यटकों के लिए चार प्रमुख सफारी रूट निर्धारित किए गए हैं। इनमें मदनपुर गेटवे से मदनपुर देवी स्थान होते हुए दिल्ली कैंप तक, वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से गोनौली वन प्रक्षेत्र स्थित गिद्ध संरक्षण केंद्र तक तथा वाल्मीकिनगर से गोवर्धना और मंगुराहा पर्यटन केंद्र तक का रूट शामिल है। चौथा रूट मंगुराहा पर्यटन केंद्र के अंतर्गत भवानीपुर नाका से मानपुर तक निर्धारित किया गया है।वीटीआर में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2023-24 में 3,22,071 पर्यटक पहुंचे थे। वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 4,80,680 और वर्ष 2025-26 में 6,09,159 हो गई। पर्यटकों के ठहरने के लिए वाल्मीकिनगर, मंगुराहा और गोवर्धना में आवास की व्यवस्था उपलब्ध है।उद्घाटन के मौके पर वन प्रमंडल दो के डीएफओ विकास गहलावत, वन प्रमंडल एक के डीएफओ शिखर प्रधान, एसीएफ सरोज कुमार, शशि भूषण चौहान, रेंजर सत्यम कुमार, नसीम अंसारी, शिवकुमार, राजकुमार पासवान समेत अन्य वन अधिकारी मौजूद रहे।

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