
बरेली। उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए परसाखेड़ा स्थित दो नमकीन फैक्ट्रियों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक फैक्ट्री में मई 2026 में एक्सपायर हो चुका बड़ी मात्रा में पामोलीन रिफाइंड तेल मिलने पर विभाग ने उसे तत्काल सीज कर दिया। वहीं दूसरी फैक्ट्री में भी कई कमियां मिलने पर सुधार नोटिस जारी किया गया।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य राहुल सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने परसाखेड़ा स्थित आलम फूड प्रोडक्ट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नमकीन निर्माण में इस्तेमाल के लिए रखे गए रिफाइंड पामोलीन तेल के 89 टीन की एक्सपायरी तिथि मई 2026 पाई गई। मौके पर मौजूद कुल 1335 किलोग्राम तेल, जिसकी अनुमानित कीमत 1,96,245 रुपये है, को विभाग ने सीज कर दिया।
कारोबारी बोला- दो घंटे पहले ही आया था माल
कारोबारी ने अधिकारियों को बताया कि संबंधित पामोलीन तेल करीब दो घंटे पहले ही एक थोक विक्रेता द्वारा भेजा गया था। उसने खरीद का बिल भी प्रस्तुत किया। हालांकि विभाग ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए नमकीन का नमूना जांच के लिए संग्रहित कर लिया, ताकि गुणवत्ता और मिलावट की जांच कराई जा सके। सहायक आयुक्त खाद्य राहुल सिंह ने बताया कि एक्सपायर खाद्य तेल मिलने के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी नमकीन फैक्ट्री में भी मिलीं खामियां
इसी अभियान के दौरान एके नमकीन फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया गया। वहां उत्पादन और साफ-सफाई से जुड़ी कुछ कमियां सामने आईं। विभाग ने फैक्ट्री संचालक को सुधार नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त खाद्य राहुल सिंह ने कहा कि आम जनता की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, इन्द्रजीत सिंह और तेज बहादुर सिंह मौजूद रहे।



