
वाराणसी । स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू), वाराणसी और भारतीय नौसेना के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित नौसेना मुख्यालय में हुए इस समझौते के तहत दोनों संस्थान रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और अत्याधुनिक नौसैनिक प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
एमओयू पर भारतीय नौसेना की ओर से कंट्रोलर ऑफ मैटेरियल वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार तथा आईआईटी (बीएचयू) की ओर से डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. राजेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव और डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
समझौते के तहत उन्नत हथियार एवं सेंसर तकनीक, पानी के भीतर वस्तुओं की पहचान, रडार प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, समुद्री इंजीनियरिंग और नौसैनिक अवसंरचना सहित कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास किया जाएगा। साथ ही संकाय और विद्यार्थियों के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, कार्यशालाओं, सेमिनारों तथा आईआईटी (बीएचयू) के स्टार्टअप्स के साथ सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार ने कहा कि यह समझौता भारतीय नौसेना और देश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को नई मजबूती देगा तथा समुद्री सुरक्षा की भविष्य की चुनौतियों के समाधान विकसित करने में सहायक होगा। वहीं, प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) की बहुविषयक अनुसंधान क्षमता भारतीय नौसेना के लिए अत्याधुनिक तकनीकी समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि यह समझौता विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सहयोग से स्वदेशी रक्षा तकनीकों के विकास को नई गति मिलेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।
यह एमओयू प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा और दोनों संस्थानों के बीच अनुसंधान, नवाचार तथा रणनीतिक रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग का मजबूत आधार तैयार करेगा।



