कुशीनगर । छितौनी-तमकुहीराज नई रेल लाइन के निर्माण हेतु प्रचलित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान मुआवजे की प्रस्तावित दर की वजह से जटहां बाजार के व्यापारियों, किसानों और अन्य क्षेत्रीय लोगों में असंतोष व्याप्त है। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजे की प्रस्तावित दर को वर्तमान बाजार मूल्य के सापेक्ष बेहद कम और अतार्किक बताते हुए प्रभावित लोगों ने आज कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में अपनी आवाज बुलंद की और जिलाधिकारी से मिल कर उन्हें ज्ञापन सौंपा ।
जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया कि जटहां बाजार संबंधित क्षेत्र का एक पुराना और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। रेल लाइन के निर्माण से कई रिहायशी मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी एवं आवास का संकट खड़ा हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के कड़े प्रावधानों का पालन करते हुए वर्तमान बाजार दर और सर्किल रेट का पारदर्शी मूल्यांकन किया जाए, ताकि काश्तकारों एवं व्यापारियों को न्यायसंगत प्रतिकर मिल सके। इसके अतिरिक्त, जो परिवार और दुकानदार इस परियोजना से पूरी तरह विस्थापित हो रहे हैं, उनके लिए प्रशासन एक व्यवस्थित एवं समयबद्ध पुनर्वास नीति तैयार करे। जिलाधिकारी से हुई वार्ता के दौरान पूर्व विधायक श्री लल्लू ने कहा कि क्षेत्र का विकास अत्यंत आवश्यक है । स्थानीय जनता रेल परियोजना के विरोध में नहीं है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की बलि नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई आजीविका को मुआवजे के नाम पर मामूली रकम पकड़ा कर जीवन यापन का सहारा नहीं छीना जाना चाहिए। श्री लल्लू ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावितों की चिंताओं का त्वरित समाधान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्यायसंगत मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रभावित जनता के हक की रक्षा के लिए सड़क से लेकर न्यायालय तक लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से संघर्ष तेज किया जाएगा।
इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित लोग की बड़ी तादात मौजूदगी रहे , जिनमें राजकुमार यादव, मुकेश मद्धेशिया, रवी कुमार जायसवाल, राजेन्द्र जयसवाल, सन्नी जयसवाल, साहिल रौनियार, अजय जायसवाल, मनोहर जयसवाल, रामा जयसवाल, कन्हैया जयसवाल, सोनू रौनियार, डॉ. दयानन्द गुप्ता, सुरेंद्र गोसाईं, मनोज जयसवाल, कमलेश यादव, पप्पू कुमार गुप्ता, सत्यनारायण, विशाल मद्धेशिया और बृजकिशोर यादव आदि के साथ ही
प्रेमी देवी, मराछी देवी, मीरा देवी ,संगिता देवी आदि महिलाएं भी शामिल रहीं ।



