
वाराणसी | उत्तर प्रदेश के विवि कॉलेजों से निकले छात्र युवाओं के शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य के सवालों को लेकर चौरी चौरा गोरखपुर से शुरू हुई Gen Z कनेक्ट यात्रा आज अपने 24वें दिन बनारस पंहुची।
बीते दिन में सारनाथ पंहुची साइकिल यात्रा आज कचहरी अम्बेडकर मूर्ति के पास पंहुची। कांग्रेस पूर्वी यूपी के प्रभारी वरुण चौधरी, जिला और महानगर कांग्रेस की टीम के साथ यात्रा का स्वागत किया।
इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और प्रदेश के युवाओं से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रयाग ज़ोन प्रभारी वरुण चौधरी शामिल हुए। उन्होंने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाते हुए साइकिल चलाकर यात्रा में हिस्सा लिया और युवाओं के संघर्ष एवं उनके मुद्दों के प्रति समर्थन जताया।
इसके बाद यात्रा दोपहर करीब 2 बजे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पहुँची। यहाँ युवाओं की आवाज़ से घबराए प्रशासन ने विश्वविद्यालय के गेट बंद कर दिए। एबीवीपी से जुड़े लोगों द्वारा यात्रा में शामिल युवाओं के साथ गालीगलौज मारने की धमकी दी गई। यात्री दल पर स्याही फेंकी गई, जिसके कारण विद्यापीठ में प्रस्तावित जनसभा नहीं हो सकी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में रही।
विद्यापीठ गेट पर हुई इस दुखद शर्मनाक घटना के बाद यात्रा जब भेलूपुर पहुँची तो पुलिस द्वारा उसे लगभग आधे घंटे के लिए रोक दिया गया। यात्रा को रोकने की कोशिश के विरोध में जेन ज़ी यात्रियों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। युवाओं के धरने और एकजुटता के बाद यात्रा को आगे बढ़ने की अनुमति मिली और कारवां लंका स्थित BHU गेट की ओर रवाना हुआ।
लंका में गूंजे युवाओं के नारे
BHU गेट पर पहुँचते ही BHU के छात्रों और प्रोफेसरों ने गगनचुंबी नारों के साथ Gen Z कनेक्ट यात्रा का स्वागत किया। युवाओं की आवाज़ और नारों से लंका गेट गूंज उठा। यहाँ आयोजित Gen Z जनसभा को जंतर-मंतर आंदोलन की नेत्री नेहा बोरा ने संबोधित किया और युवाओं के संघर्ष के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
इस दौरान देवरिया के युवा रजत सिंह ने भी Gen Z जनसभा को संबोधित किया। स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने के कारण रजत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। युवाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि FIR, पुलिस का दबाव और प्रशासनिक रोक युवाओं की आवाज़ को दबा नहीं सकते।
20 अगस्त को गोरखपुर से शुरू हुई Gen Z कनेक्ट यात्रा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन लखनऊ पहुँचेगी। यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के बीच जाकर उनके सवालों को सुनना और शिक्षा, रोजगार तथा समान अवसर के मुद्दों पर व्यापक जनसंवाद खड़ा करना है।
यात्रा सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक, रिक्त पदों को भरने और बढ़ती बेरोजगारी जैसे सवालों को प्रमुखता से उठा रही है। स्कूलों की बदहाल स्थिति, कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, नई शिक्षा नीति और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल भी यात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
आज बनारस में हुए घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि विश्वविद्यालय के गेट बंद करने, पुलिस का दबाव बनाने या यात्रा को रोकने की कोशिशों से युवाओं की आवाज़ को नहीं दबाया जा सकता। प्रशासन ने यात्रा को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन युवाओं की एकजुटता और दृढ़ संकल्प के सामने उसकी कोशिश नाकाम रही।
यात्रा कल सुबह मोहनसराय में ट्रांसपोर्ट नगर आंदोलन से प्रभावित किसानों से मुलाकात करेगी और युवाओं के साथ-साथ किसानों के सवालों को भी अपने संवाद का हिस्सा बनाएगी।



