
वाराणसी। श्री गणेशोत्सव सेवा समिति, दशाश्वमेध की ओर से इस वर्ष 26वां गणेशोत्सव श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। तिथि वृद्धि योग के कारण इस बार गणेशोत्सव 12 दिवसीय होगा। विशेष आकर्षण मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर की तर्ज पर तैयार की गई गणेश प्रतिमा होगी। प्रसिद्ध मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने सिद्धिविनायक की प्रतिकृति के रूप में इस प्रतिमा का निर्माण किया है।
उत्सव के शुभारंभ पर प्रातःकाल गणेश प्रतिमा को बाजे-गाजे के साथ उत्सव स्थल राधाकृष्ण मंदिर लाया जाएगा। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी। पंचदश संस्कार के तहत 15 बार ‘ॐ’ की आवृत्ति के बाद दूर्वा को घी में भिगोकर भगवान गणेश का नेत्रोन्मीलन कराया जाएगा। इसके पश्चात षोडशोपचार पूजन संपन्न होगा।
पूजन कार्य पं. अनंत घोडेकर के आचार्यत्व में पं. उदय कंठाले द्वारा कराया जाएगा। वहीं, सायंकाल पं. श्रीकांत पाठक कारखेडकर के आचार्यत्व में सहस्त्रनाम अर्चन का आयोजन होगा।
समिति पदाधिकारियों के अनुसार, 12 दिवसीय उत्सव के दौरान भगवान गणेश की आराधना के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दशाश्वमेध क्षेत्र में गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।



