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‘जूता मार लो, शिकायत मत करो’: लखनऊ नगर निगम में अधिकारियों के बयान से पार्षद भड़के

लखनऊ। लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक सोमवार को हंगामे के बीच संपन्न हुई। सपा और भाजपा पार्षदों ने जलकल विभाग की लापरवाही पर तीखा विरोध जताया, जिसके बाद अधिकारियों से कड़ी शब्दों में जवाब मिला। एक प्रमुख घटना में, जलकल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि “जूता मारो, जितना मारना है,” जब पार्षदों ने सीवर और पेयजल लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में देरी को लेकर सवाल उठाए।

बैठक के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों से कहा कि वह सड़क खोदने के बाद उसकी मरम्मत न करने पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि जलकल विभाग ने महीनों बीतने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं की। इसके बाद महापौर ने आश्वासन दिया कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सपा पार्षदों ने मुंशी पुलिया चौराहे पर मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन महापौर ने इसे अस्वीकार कर दिया, जिससे पार्षद नाराज हो गए और बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके साथ ही भा.ज.पा. पार्षद भी सड़क मरम्मत पर नाराज हो गए थे।

महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म के करीब 200 टिकट और स्नैक्स का खर्च निजी तौर पर उठाया, जबकि पार्षदों ने यह सवाल उठाया था कि नगर निगम की बैठक में इसे क्यों दिखाया गया।

बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिसमें शहर के पार्कों की दुर्दशा पर नाराजगी जताई गई। महापौर ने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि सभी पार्कों में माली नियुक्त किए जाएं। इसके अलावा, सड़क खोदने पर FIR दर्ज करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

महापौर ने कहा कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और फ्लाईओवर के आस-पास के स्थानों को खाली कराया जाएगा। इसके साथ ही कातकी मेले के आयोजन और रोबोट खरीदने के निर्णय पर भी विचार किया गया।

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