टीएमसी में जारी इस्तीफों के बीच असम में संगठन संभाल रहे शरमन अली, सभी पदाधिकारियों के साथ होने का दावा

पश्चिम बंगाल | में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लगातार अपने वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। मदन मित्रा, कोएल मल्लिक, सुष्मिता देव, सयोनी घोष और फिरहाद हाकिम जैसे नेताओं के अलग होने के बाद भी इस्तीफों का सिलसिला पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। इस बीच असम में पार्टी के एकमात्र विधायक शरमन अली अहमद संगठन की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं।

सुष्मिता देव के बीजेपी में शामिल होने के बाद असम टीएमसी में भी टूट की आशंकाएं जताई जा रही थीं। हालांकि शुक्रवार को शरमन अली ने दावा किया कि राज्य के सभी पार्टी पदाधिकारी एकजुट हैं और असम इकाई पूरी मजबूती के साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व में कार्य करती रहेगी।

पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायक दल में बगावत के बाद 3 जून को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी की कार्यकारिणी भंग कर दी थी। रीतब्रत बनर्जी के साथ 59 विधायकों के बागी होने के बाद असम सहित अन्य राज्यों की संगठनात्मक समितियों को भी भंग कर दिया गया था।

इसके बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डेरेक ओ’ब्रायन ने असम में पार्टी के सभी संगठनात्मक अधिकार एकमात्र विधायक शरमन अली को सौंप दिए। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शरमन अली रजोडर दल छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे।

शुक्रवार को शरमन अली की अध्यक्षता में 53 पार्टी पदाधिकारियों और जिला स्तरीय नेताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान दो प्रस्ताव पारित किए गए और पार्टी संगठन को मजबूत बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया।

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