
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के टिटौली गांव में जमीन पर कथित कब्जे को लेकर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब भूमि स्वामी कांता प्रसाद गंगवार और जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार ने राजस्व अधिकारियों के सामने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को सुरक्षित बचा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।पांच वर्षों से चल रहा है भूमि विवादकांता प्रसाद गंगवार का कहना है कि गाटा संख्या 232 स्थित उनकी जमीन का एक हिस्सा सड़क निर्माण कार्य में अधिग्रहित हो गया था।
आरोप है कि बची हुई करीब एक बीघा चार बिस्वा भूमि पर पड़ोसी खेत मालिक अख्तर हुसैन ने कब्जा कर लिया। उनका दावा है कि पिछले पांच वर्षों से वह तहसील प्रशासन से कब्जा हटवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो सका। बाद में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार से मदद मांगी, जो पिछले एक वर्ष से इस मामले का अनुसरण कर रही थीं।
पैमाइश के दौरान बढ़ा विवादजानकारी के अनुसार, शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन दूसरे पक्ष ने मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन होने की बात कही, जिसके चलते टीम वापस लौट गई। शनिवार को तहसीलदार आशीष कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम दोबारा गांव पहुंची। करीब एक घंटे तक पैमाइश की प्रक्रिया चली, लेकिन किसी निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। इसी दौरान जब अधिकारी लौटने लगे तो दोनों ने विरोध स्वरूप अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया।पुलिस की तत्परता से बची जानमौके पर मौजूद प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और उन पर पानी डालकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
इसके बाद दोनों ने मौके पर धरना शुरू कर दिया।तीन घंटे चली दोबारा पैमाइशधरने के बाद राजस्व अधिकारियों ने दोबारा पैमाइश कराई। कानूनगो ब्रजकिशोर कटियार और लेखपाल नवरत्न गंगवार ने करीब तीन घंटे तक मौके पर माप-जोख की और कांता प्रसाद गंगवार की भूमि की निशानदेही पूरी की।प्रशासन ने कब्जा दिलाने का दिया आश्वासनतहसीलदार आशीष कुमार ने बताया कि राजस्व टीम ने पैमाइश पूरी कर संबंधित भूमि को चिह्नित कर दिया है। खेत में खड़े पॉपुलर के पेड़ हटने के बाद नियमानुसार भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद दोनों पक्ष संतुष्ट हो गए, जिसके बाद जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार और कांता प्रसाद गंगवार ने अपना धरना समाप्त कर दिया।


