“राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने लखनऊ में भाषा विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में कहा कि कुंभकर्ण टेक्नोक्रेट था और गुप्त यंत्र बनाता था। पढ़ें भारत के प्राचीन ज्ञान, उच्च शिक्षा में प्रगति और समसामयिक बयानबाज़ी पर उनकी बड़ी बातें।”
लखनऊ। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कई दिलचस्प और ज्ञानवर्धक बातें साझा कीं।
कुंभकर्ण: एक टेक्नोक्रेट का रहस्य
राज्यपाल ने कहा, “कुंभकर्ण 6 महीने सोता नहीं था। वह गुप्त तरीके से यंत्र बनाता था। रावण ने यह अफवाह उड़ाई थी कि वह सोता है।” यह प्राचीन भारतीय तकनीकी ज्ञान का प्रमाण है, जो अब हमारे पास नहीं है।
भारत का प्राचीन ज्ञान
राज्यपाल ने बताया कि 2,000 साल पुरानी पुस्तकें वनस्पति रंगों से बनी थीं। यह उस युग की वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति को दर्शाता है।
भारत की वैश्विक प्रगति
उन्होंने कहा, “यूपी की 12 यूनिवर्सिटियां राष्ट्रीय स्तर पर A+ और A++ ग्रेड में आई हैं। केंद्र सरकार इन्हें 740 करोड़ रुपए की सहायता दे रही है। वर्ल्ड टॉप 100 में भारत की चार यूनिवर्सिटियां शामिल हैं।”
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की प्रशंसा की और बताया कि उन्होंने वैश्विक स्तर पर शांति और मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी।
शिक्षा और भाषाओं का महत्व
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य इंसान बनाना है, हैवान नहीं। हमें ऐसी शिक्षा को अपनाना चाहिए जो राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।”
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मनोज शुक्ल