“महाकुम्भनगर को 1.5 लाख पौधों से सजाया जा रहा है, जिसमें 50 हजार खूबसूरत पौधे श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। महाकुम्भनगर के प्रमुख मार्गों और गंगा तटीय क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य 10 दिसंबर तक पूरा होगा।”
महाकुम्भनगर। महाकुम्भ इस बार एक खास रूप में तैयार हो रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं को एक स्पेशल हाईडेंसिटी ऑक्सीजन फॉरेस्ट का अनुभव मिलेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुम्भनगर को 1.5 लाख पौधों से सजाया जा रहा है, जो न केवल वातावरण को शुद्ध करेंगे, बल्कि हरियाली से इस क्षेत्र की सुंदरता को भी बढ़ाएंगे।
वन विभाग की टीम ने महाकुम्भनगर के प्रमुख चौराहों और सड़क मार्गों को हरा-भरा बनाने का कार्य तेज कर दिया है। 10 दिसंबर तक महाकुम्भ में पौधारोपण का 100 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान, महाकुम्भ में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत 50 हजार खूबसूरत पौधों द्वारा किया जाएगा, जो निश्चित ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
प्रयागराज के डीएफओ अरविंद कुमार यादव ने बताया कि महाकुम्भनगर को दिव्य, नव्य और भव्य बनाने की योजना के तहत अब तक 1.38 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, और शेष 12 हजार पौधे 10 दिसंबर तक लगाए जाएंगे। इस बार के महाकुम्भ में खास तौर पर गंगा तटीय क्षेत्र में 10 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं, जिनमें गोल्ड मोहर, कचनार और अमलतास के पौधे प्रमुख हैं।
यह भी पढ़ें: महाकुंभ 2025: पीएम मोदी के आगमन पर फेस्टिव मूड में नजर आएगा पूरा महाकुम्भनगर और प्रयागराज
सरस्वती हाईटेक सिटी में 20 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑक्सीजन बैंक और नगर वन का निर्माण हो रहा है, जहाँ 87,120 पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 18 प्रमुख मार्गों पर 190 किलोमीटर के दायरे में 50 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं, जिनमें प्रयागराज-अयोध्या मार्ग, प्रयागराज-वाराणसी मार्ग, लखनऊ, मिर्जापुर, रीवा और बांदा जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं।
महाकुम्भनगर को हरित बनाने के इस प्रयास से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक नई ऊर्जा और ताजगी भी प्रदान करेगा।
नोट: देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहें विश्ववार्ता के साथ। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।