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हापुड़ ,नोएडा ,गाजियाबाद में वायु प्रदूषण के कारण स्कूल बंद

यूपी के पांच जिलों में प्रदूषण से हालात खराब, स्कूल बंद, डीजल वाहनों पर रोक

मेरठ। उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण ने खतरनाक स्तर पर पहुंचकर आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा और बुलंदशहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के पार पहुंचने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। प्रशासन ने इन जिलों में 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया है।

हापुड़ प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जहां का AQI 512 दर्ज किया गया। इसके बाद नोएडा का AQI 492 और गाजियाबाद का 471 रहा। इन शहरों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण कार्य और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

यह “गंभीर” श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। यहां के लोग सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने निर्माण कार्य और डीजल वाहनों पर सख्ती से प्रतिबंध लगा दिया है।

आगरा इन पांच जिलों में शामिल नहीं है, लेकिन यहां का AQI भी 425 तक पहुंच गया है। प्रदूषण के कारण 100 फीट की दूरी से ताजमहल नजर नहीं आ रहा। पर्यटन उद्योग पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा है, और प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए हैं।

आगरा में प्रदूषण का स्तर 425 तक पहुंच गया है। घने धुंध के कारण ताजमहल 100 फीट की दूरी से भी दिखाई नहीं दे रहा। यहां भी लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो रही हैं।

बुलंदशहर का AQI 430 तक पहुंच चुका है। इस जिले में भी धुंध का प्रभाव देखने को मिल रहा है। प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या हो रही है। प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए डीजल वाहनों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

मेरठ में भी प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। AQI 450 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे शहर में सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। यहां स्कूल बंद कर दिए गए हैं और डीजल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।

गाजियाबाद प्रदेश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां का AQI 471 दर्ज किया गया है। शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने यहां सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नोएडा और गाजियाबाद में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू किया गया है। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे गाड़ियों के अनावश्यक उपयोग से बचें, वाहनों की साझा सवारी करें और प्रदूषण फैलाने वाले कार्यों से बचें। यह समय सामूहिक प्रयासों का है ताकि प्रदूषण से राहत पाई जा सके।

निर्माण कार्य, डीजल वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों पर रोक।

प्रशासन ने लोगों को घर में रहने, मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी है।

  • लोगों से वाहनों का साझा उपयोग और पेड़ों के संरक्षण की अपील की गई है।
    • यह स्थिति सामूहिक प्रयासों से ही सुधर सकती है। प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना होगा।
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