खबर का सार : “उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 2027 तक हर घर में नल कनेक्शन का लक्ष्य है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसमें 74 अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यूपी ने सबसे कम लागत में घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराया।”
लखनऊ: जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक सम्मान समारोह में 74 अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। जल जीवन मिशन के तहत 2.26 करोड़ से अधिक घरों में नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है, और राज्य अब 100% नल कनेक्शन देने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
जल जीवन मिशन में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां:
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि “2027 तक उत्तर प्रदेश का एक भी गांव या घर बिना नल कनेक्शन के नहीं रहेगा।” उन्होंने अधिकारियों से आह्वान करते हुए कहा कि यह एक सपना है जिसे पूरा करना है, ताकि अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से भाजपा की सरकार बनाई जा सके।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों को भी सराहा और बताया कि 2022 में विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से उत्तर प्रदेश देश में नल कनेक्शन देने में सबसे आगे है। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने नल कनेक्शन के मामले में टॉप स्थान हासिल किया है।

नल कनेक्शन का प्रसार और 100% लक्ष्य की ओर बढ़ना:
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन की पूरी टीम ने अब तक 2 करोड़ 26 लाख से अधिक घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया है। राज्य के 86 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध हो चुका है और जल्दी ही 100 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि पहले बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ट्रेन से होती थी, लेकिन अब नल कनेक्शन के जरिए हर घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन में सुधार आया है।
उत्तर प्रदेश का मॉडल अपनाने लगे दूसरे राज्य:
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने जल जीवन मिशन की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “उत्तर प्रदेश ने सबसे कम लागत में घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराया है।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 80 प्रतिशत से अधिक जल आपूर्ति परियोजनाएं सोलर पर आधारित हैं, जिससे बिजली बिल में करोड़ों रुपए की बचत होगी।
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स्वच्छता और समर्पण का प्रतीक:
राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “यह पहला सरकारी विभाग है जो अपने कर्मचारियों को सम्मानित कर रहा है। अन्य विभागों को भी इस पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।”
सम्मानित कर्मचारियों के अनुभव:
इस अवसर पर जल जीवन मिशन के तहत कार्य करने वाले 74 अधिकारियों और कर्मचारियों को पानी की टंकी का मोमेंटो, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कई कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यूपी में काम करने के लिए एक सुरक्षित और सहयोगात्मक माहौल है, जहां सरकारी और प्राइवेट मशीनरी मिलकर एक परिवार की तरह काम करती है।