“उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय और राज्य कृषि विकास योजना के तहत हाईटेक नर्सरियों, ‘हनी-बी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस,’ और बीज विधायन संयंत्रों सहित अन्य परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने 2024-25 में 84% प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।”
लखनऊ : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और राज्य कृषि विकास योजना (SADP) की राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठक 17 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई। बैठक में 2024-25 के लिए 50,400 करोड़ रुपये के आउटले और 200 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई।
प्रमुख स्वीकृत परियोजनाएं:
- 150 हाईटेक नर्सरियां और ‘हनी-बी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’:
- उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के माध्यम से प्रदेश में 150 हाईटेक नर्सरियां स्थापित होंगी।
- रायबरेली में ‘हनी-बी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए 169.03 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई।
- गोरखपुर और अन्य जिलों में नई सुविधाएं:
- गोरखपुर में 20,000 क्विंटल भंडारण क्षमता वाले गोदाम का निर्माण।
- बुलंदशहर और आजमगढ़ में उन्नत बीज विधायन संयंत्रों की स्थापना।
- कृषि विश्वविद्यालयों के लिए शोध एवं विकास:
- प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों को शोध और अवस्थापना विकास के लिए 17.19 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
- मछली पालन और प्रशिक्षण:
- मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए दो चाकी रियरिंग केंद्रों की स्थापना के लिए 3 करोड़ रुपये की मंजूरी।
- मत्स्य पालन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY)
मुख्य सचिव ने RKVY योजना की 84% प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन घटकों में धीमी प्रगति हो रही है, वहां धनराशि तेजी से खर्च होने वाले घटकों में हस्तांतरित की जाए।
आगे के निर्देश:
- भारत सरकार को 2025-26 के लिए 682.95 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना फरवरी 2025 तक भेजने और स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
- केंद्रांश की दूसरी किश्त शीघ्र जारी कराने पर जोर दिया गया।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल