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संभल हिंसा मामले में पाकिस्तान कनेक्शन

संभल हिंसा में पाकिस्तान से जुड़ा मामला: जामा मस्जिद के पास 5 खोखा और 2 कारतूस मिले

संभल। संभल में 24 नवंबर को हुई हिंसा में पाकिस्तान से जुड़े पहलू सामने आने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जामा मस्जिद के पास से महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं। जामा मस्जिद के आसपास के क्षेत्र से पुलिस ने पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से निर्मित 5 खोखा और 2 मिस फायर कारतूस बरामद किए। ये कारतूस हिंसा के दौरान इस्तेमाल किए गए थे, जिसमें 41 राउंड की फायरिंग की गई थी। पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे ASP श्रीश चंद्र और CO संभल अनुज चौधरी ने इस बरामदगी की पुष्टि की।

इस दौरान 9 MM के दो मिस फायर, 12 बोर और 32 बोर के खोखे भी मिले हैं। ये खोखे और कारतूस पाकिस्तान में बने थे, जो इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह पाकिस्तान से तस्करी कर लाए गए कारतूस हो सकते हैं, जो हिंसा में इस्तेमाल किए गए थे।

संभल हिंसा की जड़ जामा मस्जिद का विवादित सर्वे था। हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि यह स्थल पहले श्रीहरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने तोड़कर मस्जिद में बदल दिया था। इसके बाद 19 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे शुरू हुआ। इस सर्वे के खिलाफ मुस्लिम समुदाय में विरोध और अफवाहों का बाजार गर्म हो गया था। 24 नवंबर की सुबह जब सर्वे टीम जामा मस्जिद के पास पहुंची, तो इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मुस्लिम समुदाय के लोग मानने लगे थे कि कुछ बड़ा होने वाला है, और सोशल मीडिया के जरिए यह अफवाहें फैलने लगीं। इस अफवाह का असर यह हुआ कि हजारों लोग जामा मस्जिद के पास इकट्ठा हो गए।

जब सर्वे टीम ने कार्य शुरू किया, तो उग्र भीड़ ने पहले इसका विरोध किया और नारेबाजी की, लेकिन पुलिस ने सर्वे को शांतिपूर्वक संपन्न कराया। बाद में भीड़ ने पथराव करना शुरू किया और छतों से फायरिंग की गई। इस हिंसा में पुलिस और नागरिकों दोनों को नुकसान हुआ। एक पुलिस अधिकारी को पैर में गोली भी लगी थी।

फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं, जैसे कि गोली के खोखे और अन्य सामग्रियां, जो अब पुलिस की जांच का हिस्सा बन चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि सर्च ऑपरेशन जारी है और अधिक जानकारी जल्द मिल सकती है।

इस मामले में पाकिस्तान कनेक्शन के चलते यह जांच और भी संवेदनशील हो गई है, और इसे पाकिस्तान से संबंधित आतंकवादी गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। पुलिस इस जांच को गहराई से कर रही है, ताकि दोषियों को पकड़कर मामले का खुलासा किया जा सके।

कुल मिलाकर, यह मामला केवल स्थानीय हिंसा का नहीं, बल्कि दो देशों के बीच संभावित आपसी संघर्ष का भी प्रतीक बनता जा रहा है, जिसे देश की सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।

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