“गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए भारत को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने टेक्नोलॉजी के साथ चिकित्सा शिक्षा को जोड़ने और भारतीय चिकित्सा परंपरा को सशक्त करने का आह्वान किया।”
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आने वाले समय में भारत दुनिया में मेडिकल टूरिज्म का हब बनने जा रहा है। उन्होंने मेडिकल टूरिज्म को व्यापक और महत्वपूर्ण बताते हुए अभी से इसके लिए तैयारियां शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
शनिवार को गोरखपुर स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एमबीबीएस के प्रथम बैच के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता के लिए परिश्रम, निष्ठा और अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रेष्ठ चिकित्सक बनने और सेवा भाव से जुड़ने की प्रेरणा दी।
सीएम योगी की मुख्य बातें:
भारत बन रहा मेडिकल टूरिज्म का हब:
सीएम योगी ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म अन्य प्रकार के टूरिज्म से अधिक व्यापक है और यह भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा।
टेक्नोलॉजी और रिसर्च का महत्व:
उन्होंने चिकित्सा शिक्षा को अत्याधुनिक तकनीकी और रिसर्च से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि डॉक्टर को रिसर्चर भी होना चाहिए।
भारतीय चिकित्सा परंपरा को बढ़ावा:
सीएम योगी ने कहा कि दुनिया को पहला विश्वविद्यालय और पहली सर्जरी देने वाले भारत को अपनी गौरवशाली चिकित्सा परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
मरीजों से दुआ लेने की सीख:
विद्यार्थियों से कहा गया कि वे दवा के साथ मरीजों से दुआ भी लें। इसके लिए मरीजों से अच्छा व्यवहार करें और धैर्य बनाए रखें।
नई चिकित्सा पद्धति का स्वरूप:
उन्होंने एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, और योग को मिलाकर एक नई भारतीय चिकित्सा पद्धति तैयार करने का आह्वान किया।
चिकित्सा क्षेत्र में सुधार और नेतृत्व:
सीएम योगी ने भारत की शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया की पहली सर्जरी महर्षि सुश्रुत ने की थी और भारत ने दुनिया को पहला विश्वविद्यालय दिया। आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह इस विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य को सरल बनाने के लिए सभी दरवाजे खोल दिए हैं। विद्यार्थियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों को अपनाएं और देश के 140 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य रक्षा की जिम्मेदारी में अपना योगदान दें।
चिकित्सालय का निरीक्षण:
विद्यार्थियों से संवाद के बाद सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां की अत्याधुनिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लिया और मरीजों की उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रोत्साहित किया।
भारत को चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के इस प्रयास पर नज़र रखने और अन्य प्रमुख खबरों के लिए जुड़े रहें विश्ववार्ता के साथ।
विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल