“राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मिर्जापुर जिले में टीबी और नशा मुक्त जनपद बनाने के लिए महिलाओं से संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही।”
मिर्जापुर: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मिर्जापुर जिले के राजगढ़ विकासखंड के जंगल महाल दमही के पहाड़ी पर आयोजित एक कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने टीबी मुक्त और नशा मुक्त मिर्जापुर बनाने के लिए महिलाओं से संकल्प लेने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि मिर्जापुर की महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनें और गांवों में जागरूकता फैलाकर टीबी और नशे से लड़ने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
राज्यपाल ने आगे कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा और देखभाल मिलनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चों के बाल बिखरे होते हैं और कपड़े के बटन टूटे रहते हैं, इसलिए उन्हें सजा-संवरा दिखाने के लिए सुई, धागा, बटन जैसी वस्तुएं आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध करवाई जाएं।
राज्यपाल ने महिला स्वावलंबन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और गांवों में नशे और महिला सशक्तिकरण को लेकर पुलिस एसपीसी टीम बनाने की बात भी कही। इस टीम में 25 छात्र और 25 छात्राएं होंगे, जिन्हें प्रशिक्षित कर नशा उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण पर काम करने के लिए भेजा जाएगा।
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कार्यक्रम में राज्य मंत्री आशीष पटेल, मंडलायुक्त मुथुकुमार बी स्वामी, जिला अधिकारी प्रियंका निरंजन, और मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने इस मौके पर कई लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के तहत चेक वितरित किए। मिर्जापुर के बेदौली गांव की विद्यावती देवी को 18 लाख रुपये का चेक प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दिया गया। इसके साथ ही ग्रीन ग्रुप की महिलाओं को 1000 साड़ियां और पढ़ाई कर रही बालिकाओं को स्कूल जाने के लिए 10 साइकिलें भी दी गईं।
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