“लोकसभा में ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक को स्वीकार कर लिया गया है, जिससे विपक्ष ने इसे संविधान विरोधी और क्षेत्रीय पार्टियों के लिए खतरनाक बताया। जानें इस विधेयक को लेकर तेजस्वी यादव, ओवैसी, कांग्रेस, और बीजेपी के बयान, साथ ही इसके संभावित प्रभाव पर विस्तृत रिपोर्ट।”
नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ को स्वीकार कर लिया गया, जिसे ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक के रूप में जाना जा रहा है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने इसे पेश किया, जबकि विपक्ष ने विधेयक का विरोध किया और इसे असंवैधानिक करार दिया। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे बीजेपी का RSS के एजेंडे को लागू करने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि जिनसे बिहार में एक चरण का चुनाव नहीं हो सकता, वे देश में एक चुनाव कैसे कराएंगे।
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक को संविधान के खिलाफ बताया और कहा कि यह क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने का षड्यंत्र है। वहीं, कांग्रेस ने इसे चुनाव आयोग की शक्तियों का दुरुपयोग मानते हुए विरोध जताया। अन्य विपक्षी दलों ने भी विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की है। बीजेपी ने विधेयक के समर्थन में शिवसेना और अन्य सहयोगियों को लामबंद किया है।
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लोकसभा में मतदान के दौरान विधेयक के पक्ष में 269 वोट पड़े, जबकि 198 सांसदों ने इसका विरोध किया। विधेयक को अब विस्तृत चर्चा के लिए जेपीसी के पास भेज दिया गया है। बीजेपी के जेपी नड्डा ने कांग्रेस को आपातकाल और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर घेरा और बताया कि कैसे मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बना दिया।
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