“उत्तर प्रदेश निर्यात नीति 2025-30 को लागू करने से पहले सरकार ने निर्यातकों और विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। मंत्री नंद गोपाल नंदी ने राज्य के औद्योगिक विकास के चार स्तंभों और निर्यात को बढ़ावा देने की योजना पर जोर दिया।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्यात नीति 2025-30 तैयार करने से पहले एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें निर्यातकों, विशेषज्ञों और औद्योगिक संगठनों ने अपने सुझाव साझा किए। यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निर्यात और निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
मुख्य बिंदु:
- चार स्तंभों पर आधारित औद्योगिक विकास:
मंत्री नंदी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉ एंड ऑर्डर, कनेक्टिविटी, और इंडस्ट्रियल पॉलिसी किसी भी राज्य के औद्योगिक विकास के आधार हैं।
पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन स्तंभों को मजबूत किया है।
वैश्विक स्तर की अवस्थापना सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी ने यूपी को निवेश का आदर्श स्थान बना दिया है।
- निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि:
वित्तीय वर्ष 2017-18 में उत्तर प्रदेश का निर्यात 88,000 करोड़ रुपये था।
2023-24 में यह आंकड़ा 1,70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो दोगुनी वृद्धि को दर्शाता है।
- बेहतर ट्रांसपोर्ट और कनेक्टिविटी:
एयरपोर्ट, रेलवे, वाटरवेज और एक्सप्रेसवेज के विकास से ट्रांसपोर्टेशन अधिक सुलभ और किफायती हुआ है।
निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स की लागत कम हुई, जिससे प्रदेश के उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने।
- नई नीति के लिए स्टेकहोल्डर्स से सुझाव:
कार्यशाला में उपस्थित निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग संगठनों और विशेषज्ञों ने निर्यात नीति 2025-30 के लिए अपने सुझाव दिए।
मंत्री नंदी ने भरोसा दिलाया कि नई नीति निर्यातकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा और चुनौतियों पर फोकस:
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि नई नीति के तहत वैश्विक आर्थिक परिवर्तनों और भू-राजनीतिक तनावों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाएंगी।
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी का बयान:
“उत्तर प्रदेश ने निवेश और निर्यात दोनों में अद्वितीय प्रगति की है। निर्यात नीति 2025-30 से प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य हर उत्पादक को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का है।”
सात वर्षों में निर्यात वृद्धि:
उत्तर प्रदेश में निर्यात वृद्धि का मुख्य कारण बेहतर नीतियां, मजबूत कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर है।
नई नीति का उद्देश्य:
निर्यातकों की सहूलियत बढ़ाना।
सुलभ लॉजिस्टिक्स और नए बाजारों की तलाश।
वैश्विक मंच पर यूपी के उत्पादों को प्रमुखता दिलाना।
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