“किसान आंदोलन के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवादों की जांच कर एक महीने में रिपोर्ट देगी।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जारी किसान आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक अहम फैसला लिया है। उन्होंने 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसे किसानों की शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है समिति का काम?
गठित की गई इस समिति को मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से संबंधित विवादों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। प्रदर्शनकारी किसानों की शिकायतों की जांच कर यह समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
किसान क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
नोएडा समेत कई जगहों पर किसान भूमि अधिग्रहण और मुआवजे में अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि अधिग्रहित भूमि के लिए वाजिब मुआवजा नहीं दिया जा रहा है और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारी सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। समिति का गठन इस बात का प्रमाण है कि किसानों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।”
नोएडा में प्रदर्शन की तैयारी
दूसरी ओर, किसान संगठनों ने अपने प्रदर्शन को तेज करने की चेतावनी दी है। आज भी नोएडा में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना है।
अगले कदम ने आश्वासन दिया है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। किसान संगठनों ने समिति के गठन का स्वागत किया है, लेकिन कहा है कि जब तक ठोस समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल