उत्तराखंड में आजादी के बाद भी दलितों को हीन भावना से देखा जाता है- मायावती

उधमसिंह नगर। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तराखंड के उधमसिंह नगर मे चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम यहां अकेले दम पर चुनाव लड़ रहे हैं और उम्मीदवारों को चयन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि वह साफ छवि वाले और जनता का ध्यान रखने वाले लोग हों।

दलितों के आरक्षण पर मायावती ने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि इस विशेष वर्ग के लिए इन दोनों दलों ने कुछ नहीं किया।

मायावती के भाषण के मुख्य अंश

  • ये लोग ज्यादातर देहातों में रहकर अपना जीवन गुजार रहे हैं, लेकिन हमने उत्तर प्रदेश में देहातों को भी डॉ अंबेडकर ग्राम सड़क योजना के तहत जोड़ा है।
  • यूपी में हमारी पार्टी ने चार बार सरकार बनाई है, इस दौरान हमने अपनी पार्टी की विचारधारा पर चलकर काम किया है। हमने सभी मामलों में प्राथमिकता कमजोर, उपेक्षित, अनुसूचित जाति, जनजाति, सिख, ईसाई को दी है, जिसकी उपेक्षा हमेशा सी की गई।
  • हमारी पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ रही है, ताकि हम सरकार में आने के बाद लोगों के लिए काम कर सके।
  • आम जनता की समस्या को दूर करने की बजाए यह पार्टियां धन्नासेठों को फायदा पहुंचाने का काम करती हैं, जिसके दम पर यह चुनाव जीतती हैं।
  • आजादी के बाद आजतक लगभग सभी विरोधी पार्टियां बड़े-बड़े धन्ना सेठों के दम पर सत्ता में आती रही हैं।
  • प्रदेश में सभी समस्याओं का मुख्य कारण गलत पार्टियों का सत्ता में आना है, कांग्रेस और भाजपा जैसी पार्टियों के सत्ता में आने के चलते प्रदेश का विकास नहीं हुआ।
  • केंद्र ने आजतक जितनी भी योजनाएं शुरु की हैं उससे इस प्रदेश में लोगों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
  • उत्तराखंड में गरीबी काफी बढ़ी है, जिसके चलते मेहनतकश लोग प्रभावित हो रहे हैं।
  • देश में अल्पसंख्यक समाज के लोगों की आर्थिक स्थिति काफी खराब है।
  • दलितों के आरक्षण को खत्म करने में लगी है भाजपा
  • भाजपा-कांग्रेस ने आपसी मिलीभगत करके प्रमोशन में आरक्षण को खत्म कर दिया।
  • पूर्व की कांग्रेस सरकार और वर्तमान की भाजपा सरकार ने इन लोगों के लिए कुछ भी नहीं किया।
  • आजादी के इतने साल बाद भी दलित वर्ग को हीन भावना से देखा जाता है और इनके विकास के लिए कुछ भी नहीं किया गया।

Related Articles

Back to top button
E-Paper