“आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर कैलाश गहलोत भाजपा में शामिल हुए। गहलोत ने ED और CBI के दबाव की खबरों को खारिज किया और AAP की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी छोड़ने के चार प्रमुख कारण भी बताए।”
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) और दिल्ली सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देने के 24 घंटे बाद कैलाश गहलोत सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में गहलोत ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा में शामिल होने के बाद गहलोत ने कहा, “लोग सोच सकते हैं कि यह फैसला मैंने रातों-रात लिया या किसी दबाव में लिया। पर मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने कभी दबाव में कोई फैसला नहीं लिया। ED और CBI के दबाव की खबरें गलत हैं।”
गहलोत का AAP और उसकी नीतियों पर हमला
गहलोत ने आम आदमी पार्टी छोड़ने के कारणों को खुलकर बयान किया। उन्होंने कहा कि AAP के मूल सिद्धांतों से समझौता हो रहा है। “हम जिस विचारधारा और मकसद से जुड़े थे, वह खत्म होता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी अब ‘खास आदमी’ पार्टी बन गई है।”
गहलोत ने यमुना को साफ करने जैसे वादों के पूरे न होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यमुना पहले से अधिक प्रदूषित हो गई है। जनता के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय पार्टी केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रही है।”
उन्होंने AAP को केंद्र सरकार से लगातार टकराव के लिए भी दोषी ठहराया। “अगर दिल्ली सरकार अपना अधिकतर समय केंद्र से लड़ने में ही लगाएगी, तो दिल्ली का विकास संभव नहीं है।”
गहलोत का इस्तीफा और चिट्ठी
रविवार को गहलोत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा सौंपते हुए चार प्रमुख बिंदुओं का जिक्र किया:
- AAP में मूल्यों का पतन और राजनीतिक महत्वाकांक्षा का बढ़ना।
- बुनियादी सेवाओं के वादों को पूरा न कर पाने की विफलता।
- केजरीवाल के बंगले जैसे विवाद, जो पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- पार्टी से अलग होना उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जरूरी हो गया था।
केजरीवाल और AAP की प्रतिक्रिया
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गहलोत के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वे अपने फैसले के लिए स्वतंत्र हैं। उन्हें जहां जाना है, जा सकते हैं।”
AAP नेता संजय सिंह ने इसे “मोदी वॉशिंग मशीन” करार देते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ED और CBI के जरिए AAP नेताओं पर दबाव बना रही है।
वहीं, दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में ED और CBI का इस्तेमाल कर जीतने की साजिश कर रही है।”
गहलोत का राजनीतिक सफर
2015: कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी जॉइन की।
2017: कैबिनेट मंत्री बने।
राजनीति में आने से पहले गहलोत ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में 10 वर्षों तक वकालत की।
भाजपा में गहलोत का स्वागत
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने गहलोत का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी प्रशासनिक और कानूनी विशेषज्ञता पार्टी के लिए लाभदायक होगी।
कैलाश गहलोत का भाजपा में शामिल होना दिल्ली की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। इस कदम से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा और AAP के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है।