“लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय में प्रभात पांडेय की संदिग्ध मौत की जांच SIT ने तेज कर दी है। अब तक 6 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष अजय राय नोटिस के बावजूद बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। पुलिस ने दोबारा नोटिस जारी करने की तैयारी की है।”
लखनऊ। लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय में प्रभात पांडेय की संदिग्ध हालात में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक 6 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। लेकिन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बयान अभी तक दर्ज नहीं हो सके हैं।
नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे अजय राय:
पुलिस ने अजय राय को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद, वे शनिवार को तय समय पर हाजिर नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि अब उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। चर्चाओं के मुताबिक, अजय राय सोमवार को बयान दर्ज करवा सकते हैं।
SIT ने क्या पाया अब तक?
SIT की टीम ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए हैं और कांग्रेस मुख्यालय के कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। टीम घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही है और प्रभात पांडेय की मौत की सही वजह पता लगाने की कोशिश में जुटी है।
घटना का बैकग्राउंड:
प्रभात पांडेय कांग्रेस के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता थे। उनकी मौत कांग्रेस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर हलचल मचा दी है। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
पुलिस का बयान:
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी लोग मामले से जुड़े हैं, उनके बयान दर्ज करना अनिवार्य है। अजय राय का बयान इस मामले में बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल