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महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है फागुन मास में

(हरिद्वार)
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख और सबसे पवित्र त्योहार है, जिसे “शिव की महान रात्रि” कहा जाता है। यह फाल्गुन मास (फरवरी-मार्च) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।
इस साल (2026 में) महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 (रविवार) को पड़ रही है, और पूजा-जागरण मुख्य रूप से इसी दिन शाम से रात भर और अगले दिन तक चलता है।
यह दिन भगवान शिव को समर्पित है और साल भर आने वाली 12 शिवरात्रियों में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
महाशिवरात्रि की प्रमुख मान्यताएँ और कारण:
शिव-पार्वती विवाह — इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इसे शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है।
समुद्र मंथन में विष पान — समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने कण्ठ में धारण किया और संसार की रक्षा की। इस घटना की याद में भी यह पर्व मनाया जाता है।
शिवलिंग का प्राकट्य — कुछ पुराणों में कहा गया है कि इस दिन शिव जी ज्योतिर्लिंग या अग्निलिंग रूप में प्रकट हुए थे, जिससे सृष्टि का आरंभ माना जाता है।
आध्यात्मिक जागरण — “रात्रि” अंधकार या अज्ञान का प्रतीक है। महाशिवरात्रि उस महान रात्रि का उत्सव है जब मनुष्य अज्ञान से मुक्त होकर आध्यात्मिक जागृति प्राप्त करता है।
महाशिवरात्रि की महिमा (महत्व और लाभ):
मोक्ष प्राप्ति — शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन व्रत, पूजा और जागरण करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है।
संकटों का नाश — भोलेनाथ की कृपा से सभी कष्ट, रोग और बाधाएँ दूर होती हैं। महामृत्युंजय मंत्र जप विशेष फलदायी होता है।
मनोकामनाएँ पूर्ण — सच्चे मन से पूजा करने पर धन, सुख, शांति और मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
आध्यात्मिक उन्नति — यह रात प्रकृति की विशेष ऊर्जा से भरपूर होती है। जागरण, ध्यान और योग से आत्मा जागृत होती है, नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
सभी के लिए महत्व — गृहस्थ हो या साधक, सभी के लिए यह उत्सव आंतरिक शांति और शिव तत्व (सत्य, सुंदरता, शांति) से जुड़ने का अवसर देता है।
इस दिन क्या किया जाता है?
दिन भर व्रत रखा जाता है (फलाहार या निर्जला)।
शिवलिंग पर जल, दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि चढ़ाए जाते हैं।
रात्रि जागरण — चार प्रहर पूजा की जाती है, भजन-कीर्तन होते हैं।
ॐ नमः शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र का जप किया जाता है।
रुद्राभिषेक और ध्यान से महादेव प्रसन्न होते हैं।
हर हर महादेव! इस पावन पर्व पर भोलेनाथ आप सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें।
ॐ नमः शिवाय 🙏

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