“समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उपचुनाव और महाराष्ट्र में भाजपा की हार के बाद उनकी कुर्सी खतरे में है। अखिलेश ने भाजपा पर ‘नफरत की राजनीति’ और भेदभाव के आरोप लगाए।”
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में हाल ही में 9 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद योगी की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।
अखिलेश ने कहा, “मुख्यमंत्री समाज में ‘नफरत का बारूद’ बिछा रहे हैं और भेदभावपूर्ण राजनीति कर रहे हैं। लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी के लोग उनकी कुर्सी तक ‘सुरंग’ खोदने में लगे हैं।”
PDA का नारा और CM की ‘घबराहट’
अखिलेश ने यह भी कहा कि सपा द्वारा PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री और भाजपा में घबराहट बढ़ गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा की राजनीति नफरत पर आधारित है, लेकिन सपा का PDA नारा एकता का संदेश देता है, जो भाजपा के लिए चुनौती बन गया है।”
सपा का राजनीतिक हमला जारी
यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ की सरकार पर सीधा हमला किया है। उन्होंने पहले भी भाजपा पर ‘भेदभाव की राजनीति’ और ‘जनविरोधी नीतियां’ लागू करने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
अखिलेश के बयान से सियासी माहौल गरमा गया है। जहां भाजपा के नेता इसे ‘हताशा’ करार दे रहे हैं, वहीं सपा इसे जनता की आवाज बता रही है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बयान किस तरह का प्रभाव डालता है, यह देखना दिलचस्प होगा।