“बलिया के फेफना जंक्शन पर रेल प्रशासन की वादाखिलाफी के विरोध में चक्काजाम करने जा रहे लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग से तितर-बितर किया। इस दौरान व्यापारियों ने दुकाने बंद की और रेल प्रशासन से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, रेलवे क्रॉसिंग पर उपरिगामी सेतु निर्माण की मांग की।”
बलिया। जिले के फेफना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बुधवार को रेल प्रशासन की वादाखिलाफी के खिलाफ क्षेत्रवासियों द्वारा रेल चक्काजाम करने का प्रयास किया गया। हालांकि, पुलिस ने फेफना-गड़वार मार्ग स्थित रेलवे क्रासिंग पर भारी संख्या में बल तैनात कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान एसडीएम सदर और सीओ ने संघर्ष समिति के संयोजक जनार्दन सिंह से वार्ता करने का प्रयास किया, जबकि प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को तितर-बितर कर दिया।
इस घटना के दौरान फेफना बाजार के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई। रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए भारी संख्या में आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस तैनात थी, और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही थी। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें थीं – एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, रेलवे क्रासिंग पर उपरिगामी सेतु का निर्माण और वरिष्ठ नागरिकों को पूर्व की भांति सुविधाएं बहाल करना।
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अक्टूबर माह में 41 दिनों तक चले आंदोलन के परिणाम स्वरूप, रेल प्रशासन ने तीन माह में इन मुद्दों का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आश्वासन के बावजूद इस वादाखिलाफी के कारण स्थानीय लोग गुस्से में थे। इसके बाद उप जिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी ने क्षेत्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से वार्ता की, और रेल प्रशासन से 24 या 26 दिसंबर को वाराणसी में वार्ता का आश्वासन दिलवाया।
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