“उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की समीक्षा। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में सर्वे के लिए ऐप विकसित होगा, जिससे उद्योगों की पूरी जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। बुंदेलखंड को निर्माण क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव तैयार।”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
पिकप भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान, मंत्री नन्दी ने अधिकारियों को औद्योगिक भूमि के आवंटन में तेजी लाने, लैंड बैंक को बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
औद्योगिक सर्वे के लिए विकसित होगा ऐप
बैठक में बताया गया कि राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए एक खास ऐप विकसित किया जा रहा है, जिससे सभी उद्योगों का विस्तृत डेटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। यह ऐप न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों की स्थिति बताएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की जीडीपी में उनके योगदान की सही तस्वीर भी प्रस्तुत करेगा।
इससे प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का आकलन आसान होगा और निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं के बारे में सटीक जानकारी मिलेगी।
बुंदेलखंड बनेगा निर्माण क्षेत्र
डिलॉयट इंडिया द्वारा प्रस्तुतिकरण के दौरान, बुंदेलखंड को निर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन) घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया। मंत्री नन्दी ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि बुंदेलखंड के साथ-साथ पूर्वांचल, पश्चिमांचल और मध्यांचल में भी निर्माण क्षेत्रों के लिए भूमि चिन्हित की जाएगी। यह कदम औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।
भूमि आवंटन और अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी
बैठक के दौरान औद्योगिक विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लैंड बैंक बढ़ाने और अधिग्रहित भूमि के विकास की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देशित किया कि विकसित भूमि का आवंटन प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि औद्योगिक परियोजनाएं जल्द शुरू हो सकें।
सिंगल विंडो सिस्टम होगा लागू
बैठक में यह जानकारी दी गई कि सिंगल विंडो एक्ट बनकर तैयार है और इसे जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रणाली निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए सुगमता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन
मंत्री नन्दी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश उद्योग विहीन प्रदेश बन चुका था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह राज्य अब देश के ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
डिलॉयट इंडिया ने किया व्यापक प्रस्तुतीकरण
बैठक में डिलॉयट इंडिया ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसमें औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के तहत भूमि आवंटन, भूमि अधिग्रहण, और उपलब्ध खाली भूमि की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला गया।
डिलॉयट ने यह भी सुझाव दिया कि प्रदेश के उद्योगों की सटीक जानकारी और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना अत्यधिक महत्वपूर्ण होगा।
अधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश:
- सभी औद्योगिक प्राधिकरण लैंड बैंक को बढ़ाने पर काम करें।
- अधिग्रहीत भूमि का जल्द विकास कर उसका आवंटन करें।
- औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करें।
- औद्योगिक सर्वेक्षण के लिए ऐप का विकास शीघ्र पूरा करें।
- बुंदेलखंड और अन्य क्षेत्रों के लिए निर्माण क्षेत्र की पहचान तेजी से की जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
समीक्षा बैठक में सचिव औद्योगिक विकास एवं सीईओ इन्वेस्ट यूपी अभिषेक प्रकाश, एमडी पिकप पीयूष वर्मा, और अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य को औद्योगिक और आर्थिक प्रगति के नए आयाम तक ले जाएगा। विकसित औद्योगिक ढांचा, रोजगार के अवसर, और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने की योजनाओं के साथ उत्तर प्रदेश एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने को तैयार है।
देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहें विश्ववार्ता के साथ। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।
विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल