“उत्तर प्रदेश शासन की बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और राज्य कृषि विकास योजना (SADP) के तहत बड़ी परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। 500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया गया, जिसमें कृषि विश्वविद्यालयों, बीज निगम और मत्स्य पालन के प्रशिक्षण केंद्रों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई।”
लखनऊ। मंगलवार को उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और राज्य कृषि विकास योजना (SADP) के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2024-25 के लिए कुल 50,400 करोड़ रुपये का आउट-ले अनुमोदित किया गया, जिसमें 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया।
समिति ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृत किया। इनमें प्रदेश में 150 हाईटेक नर्सरियों का कार्य, रायबरेली में हनी-बी एक्सीलेन्स सेंटर की स्थापना और कृषि विभाग की परियोजनाओं के लिए 10.22 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति शामिल है। इसके अलावा, प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के लिए 17.19 करोड़ रुपये और गोरखपुर, बुलंदशहर, एवं आजमगढ़ में बीज भंडारण व बीज निर्माण केंद्रों के लिए 2.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यय की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यह निर्देश दिया कि जिन घटकों में व्यय तेजी से हो रहा है, वहां से धनराशि हस्तांतरित कर दी जाए ताकि अन्य घटकों में भी व्यय की गति बढ़ सके।
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भारत सरकार के स्तर पर द्वितीय किश्त की तत्काल अवमुक्ति के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही, 2025-26 के लिए निर्धारित वार्षिक कार्ययोजनाओं को भारत सरकार को भेजने और फरवरी 2025 तक राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति से अनुमोदन प्राप्त करने की योजना बनाई गई है।
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