CBSC ने बदला छठी से नौवीं तक परीक्षा पैटर्न

नई दिल्ली। सीबीएसई ने औपचारिक तौर पर 2009 से चले आ रही  सीसीई को औपचारिक तौर पर खत्म कर दिया है। आगामी सत्र (2017-18) से यह सिस्टम एक नई प्रणाली से बदल दिया जाएगा। नए सिस्टम में बोर्ड के सभी स्कूलों में एक समान परीक्षा और रिपोर्ट कार्ड का सिस्टम होगा, जिसकी जानकारी बोर्ड के पास जाएगी।

नई व्यवस्था के अनुसार, छठी से आठवीं तक देश भर में सीबीएसई से जुड़े सभी 18,688 स्कूल अब साल में दो बार परीक्षा लेंगे। इसका नाम रहेगा टर्म-1और टर्म-2। इनके आधार पर सभी स्कूल रिपोर्ट कार्ड भी एक जैसा जारी करेंगे। नौवीं के लिए परीक्षा व्यवस्था और रिपोर्ट कार्ड 10वीं जैसे रहेंगे। मंगलवार को नई व्यव्स्था का प्रोफार्मा स्कूलों को जारी कर दिया गया है। सीबीएसई के चैयरमैन आरके चतुर्वेदी ने बताया कि इस तरह के नियम का मकसद शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में भी कोई आठवीं तक फेल नहीं होगा, लेकिन 32 से कम नंबर हुए तो ‘ई’ ग्रेड के साथ सुधार की जरूरत भी लिखी जाएगी। छठी से आठवीं तक तीन भाषा और दो विषय पढ़ाए जाएंगे। नौवीं में स्टूडेंटेस दो भाषा और तीन विषय पढ़ेंगे। स्कूल मैनेजमेंट को यूनिफार्म रिपोर्ट कार्ड के लेफ्ट में सीबीएसई का लोगो लगाना होगा। राइट में स्कूल का लोगो रहेगा। स्कूलों को रिपोर्ट कार्ड भी ऑनलाइन डालना होगा।

छठी से आठवीं तक साल में 100-100 नंबर के दो एग्जाम :
नई स्कीम में दो सेमेस्टर प्रणाली होगी- अर्ध-वार्षिक और वार्षिक। हर सेमेस्टर में 10 नंबर के दो पीरियोडिक टेस्ट भी होंगे। लिखित परीक्षा को अब 90 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। इसमें से 80 फीसदी मार्क्स अर्ध-वार्षिक या वार्षिक परीक्षा के होंगे। शेष 20 मार्क्स में से 10 मार्क्स प्रत्येक सेमेस्टर में पीरियोडिक असेसमेंट के होंगे। हर सेमेस्टर 100 मार्क्स का होगा। इसमें से 10 मार्क्स नोट बुक सब्मिट करने, पीरियोडिक असेसमेंट में सब्जेक्ट एनरिचमेंट के होंगे।

अभी होता है यह :
सीबीएसई के एफिलिएटेड स्कूलों में असेसमेंट और एग्जाम का पैटर्न एक जैसा नहीं है। कोई 3 तो कोई 4 एग्जाम लेता है। सभी एग्जाम का औसत निकाल कर सालाना रिजल्ट बनता है। ऐसे में सबके रिपोर्ट कार्ड का पैटर्न भी अलग-अलग रहता है। अब साल में दो ही परीक्षाएं होंगी।

नॉलेज के साथ दूसरी एक्टिविटीज भी रिपोर्ट कार्ड में :
रिपोर्ट कार्ड में विषयों की समझ के साथ ही स्पोर्ट्स व अन्य एक्टिविटीज की परफॉर्मंस भी रहेगी। इसमें को-स्कॉलिस्टिक एक्टीविटीज का बॉक्स है। इसमें ‘ए’ ग्रेड यानी आउटस्टैडिंग, ‘बी’ यानी वैरी गुड और ‘सी’ यानी फेयर माना जाएगा। इससे स्टूडेंटस का बहुत ज्यादा रिकार्ड रखने की परेशानी खत्म होगी।

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