अजमेर। इंटरनेशनल पुष्कर फेयर में गुरुवार रात पद्मश्री सूफी गायक कैलाश खेर के लाइव कंसर्ट में सुरक्षा में लगी पुलिस खुद ही वारदात का शिकार हो गई।
भीड़-भाड़ के बीच एक चोर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के गन मेन की पिस्टल और कारतूस को ही चोरी कर भाग गया। चोर का अब तक पता नहीं चला है। आज पूर्णिमा महास्नान के साथ मेले का समापन हो गया है।
मेले में गुरुवार रात बॉलीवुड नाइट का आयोजन किया गया था। कैलाश खेर को सुनने देश-विदेश से आए सैलानी बड़ी संख्या में पुष्कर मेला मैदान में इक्ट्ठा हुए थे।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी बड़ी संख्या में तैनात थे लेकिन वे खुद एक चोर के हत्थे चढ़ गए। चोर का निशाना बने गन मेन ने मामला दर्ज करवाया है।
वहीं कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मी की ओर से मारपीट करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है। एक वीडियो में महिला पुलिसकर्मी युवक को धक्का मारते दिख रही है।
अजमेर रेंज कार्यालय में तैनात एएसपी (सतर्कता) विजय सांखला के गनमैन (कॉन्स्टेबल) कचवाडा-दूदू निवासी सुरेश देवन्दा (31) पुत्र छोटू राम जाट ने पुष्कर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि 14 नवंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे पीएसओ ड्यूटी के साथ पुष्कर मेला मैदान के वीआईपी गेट से प्रवेश कर रहे थे।
इस दौरान भीड़-भाड़ में धक्का-मुक्की हो रही थी। उस दौरान पिस्टल 9 एमएम बट नम्बर 271 बॉडी नम्बर 18865229 मय मैगजीन 10 कारतूस किसी चोर चुराकर ले गया। मैदान में अंदर जाने के करीब 15 मिनट बाद चोरी का पता चला।
बॉलीवुड नाइट को लेकर प्रशासन की ओर से वीआईपी और वीवीआईपी पास जारी किए थे। इस दौरान एंट्री गेट पर जमकर खींचतान देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का प्रयोग भी किया।
पास के बाद भी लोग लंबे समय तक मेला मैदान के बाहर इंतजार करते रहे। लोगों का आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने अपने परिचितों को बिना पास के दीवार कूदवाकर एंट्री दिलाई थी। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में बैठे एक व्यक्ति को महिला पुलिसकर्मी ने दो थप्पड़ जड़ दिए, जिसका वीडियो सामने आया है।
एडिशनल एसपी दीपक शर्मा और पुष्कर थाना प्रभारी घनश्याम भाटी से इस बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया।
कार्यक्रम में कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत सहित जिले के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों समेत 30 हजार से अधिक लोग मौजूद थे।